दौंड की पहली महिला विधायक उषादेवी जगदाळे का निधन
दौंड - तालुका की पहली महिला विधायक उषादेवी कृष्णराव जगदाळे-पाटील का वृद्धावस्था के कारण निधन हो गया। पुणे के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान आज 94 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से दौंड तालुका के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में शोक व्यक्त किया जा रहा है।दौंड तहसील की पहली महिला विधायक उपादेवी कृष्णराव जगदाळे-पाटील का वृद्धावस्था के कारण निधन हो गया। पुणे के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान आज 14 मई को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से दौंड तहसील के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। उषादेवी जगदाळे-पाटील इस विधानसभा क्षेत्र की पहली महिला विधायक थीं। उन्होंने दो बार विधायक के रूप में दोनों बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। 1972 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से निर्वाचित होकर वे पहली बार विधानसभा में पहुंचीं। इसके बाद 1985 में भारतीय कांग्रेस (समाजवादी) से 33,408 मत प्राप्त कर उन्होंने दोबारा विधायक का पद संभाला। दौंड क्षेत्र में उनके सामाजिक और राजनीतिक योगदान के लिए उन्हें 'दौंड भूषण' पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। दौंड शहर और तालुका में उन्हें प्यार से "मासाहेब" कहा जाता था। राजनीति के साथ-साथ उन्हें पढ़ने और आध्यात्मिकता में विशेष रुचि थी। उनके पति कृष्णराव (बालासाहेब) जगदाळे भी 1980 में दौंड से विधायक थे।जगदाले दंपत्ति ने कई वर्षों तक दौंड की राजनीति में प्रभावी नेतृत्व किया। उनके बेटे विरधवल जगदाळे पाटिल पुणे जिला परिषद के अध्यक्ष और दौंड शुगर के निदेशक हैं। दूसरे बेटे इंद्रजीत जगदाळे नगरसेवकऔर पूर्व नगराध्यक्ष रह चुके हैं।उनकी पोती दुर्गादेवी इंद्रजीत जगदाळे दौंड नगर परिषद की नगराध्यक्षा हैं। उनका अंतिम संस्कार आज शाम 6 बजे दौंड में भीमा नदी के किनारे किया जाएगा। उन्होंने एक महान राजनीतिक और सामाजिक विरासत छोड़ी है।
रिपोर्टर - प्रमोद दत्तात्रय काकडे


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