शादी की बुकिंग रद्द होने पर होटल को ₹1 लाख लौटाने का आदेश, उपभोक्ता आयोग ने मुआवजा भी दिलाया

पुणे : पुणे के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कोरेगांव पार्क स्थित ओ होटल (O Hotel) को एक ग्राहक को शादी की बुकिंग के लिए जमा कराई गई ₹1 लाख की अग्रिम राशि वापस करने का आदेश दिया है। आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि होटल इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दे। इसके अलावा, शिकायतकर्ता को हुई मानसिक प्रताड़ना के लिए ₹25,000 का मुआवजा देने का भी आदेश दिया गया है।

यह शिकायत अधिवक्ता संगीता माहेश्वरी ने दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए इस होटल को समारोह स्थल के रूप में बुक किया था। होटल का निरीक्षण करने और सुविधाओं से संतुष्ट होने के बाद उन्होंने बुकिंग की पुष्टि के लिए ₹1 लाख की अग्रिम राशि जमा कराई थी।

शिकायत के अनुसार, होटल ने उन्हें बताया था कि कार्यक्रम की शर्तों और नियमों से संबंधित औपचारिक समझौता बाद में किया जाएगा। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच कभी कोई लिखित समझौता नहीं हुआ और न ही शिकायतकर्ता को किसी कैंसिलेशन पॉलिसी या अन्य संविदात्मक शर्तों को स्वीकार करने के लिए कहा गया।

शादी की तैयारियों के दौरान संगीता माहेश्वरी होटल के व्यवहार और संचार व्यवस्था से असंतुष्ट हो गईं। उन्हें आशंका थी कि ये समस्याएं विवाह समारोह के सुचारु आयोजन को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए उन्होंने कार्यक्रम से काफी पहले ही बुकिंग रद्द कर दी और अग्रिम राशि वापस मांगी।

हालांकि, होटल ने यह कहते हुए राशि लौटाने से इनकार कर दिया कि उसकी आंतरिक रद्दीकरण नीति (Internal Cancellation Policy) के तहत अग्रिम राशि वापस नहीं की जा सकती। इस पर माहेश्वरी ने तर्क दिया कि ऐसी कोई नीति लागू नहीं की जा सकती, क्योंकि इसे किसी हस्ताक्षरित समझौते में शामिल नहीं किया गया था और न ही उन्हें लिखित रूप से इसकी जानकारी दी गई थी।

उपभोक्ता आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद माना कि होटल द्वारा अग्रिम राशि रोकना अनुचित था और शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए धनवापसी, ब्याज और मुआवजा देने का आदेश जारी किया।

रिपोर्टर : यश सोलंकी 

 

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