पीएमसी का बड़ा बुलडोजर अभियान: लोहेगांव-खराड़ी में 21,400 वर्गफुट अवैध निर्माण ध्वस्त
हवेली - लोहेगांव खराड़ी पुणे महानगरपालिका (PMC) ने मंगलवार को शहर की नवविलयित सीमा के अंतर्गत लोहेगांव और खराड़ी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 21,400 वर्गफुट अवैध आरसीसी निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान अवैध निर्माणों के खिलाफ तेज़ किए गए विशेष अभियान का हिस्सा था। यह कार्रवाई पीएमसी के अतिक्रमण एवं अनधिकृत निर्माण निष्कासन विभाग द्वारा लोहेगांव के निंबालकर नगर (सर्वे नंबर 294) तथा खराड़ी के कुछ हिस्सों में की गई। सुबह लगभग 9 बजे शुरू हुए इस अभियान का संचालन पीएमसी आयुक्त नवल किशोर राम के निर्देश पर तथा उपायुक्त सोमनाथ बांकर की निगरानी में किया गया। इस दौरान भवन विकास विभाग के अधिकारी और अभियंता भी मौके पर मौजूद रहे। पीएमसी प्रशासन ने हाल ही में महानगरपालिका सीमा में शामिल किए गए गांवों में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई और सख्त कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर बिना आवश्यक अनुमति के निर्माण किए गए हैं,जबकि कुछ मामलों में रात के समय अतिरिक्त मंजिलें बनाकर कार्रवाई से बचने की कोशिश भी की जा रही थी।
आयुक्त नवल किशोर राम ने प्रशासनिक समीक्षा बैठकों में वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, उपायुक्त सोमनाथ बांकर ने बताया कि कुछ समय से धीमा पड़ा अवैध निर्माण विरोधी अभियान अब फिर से तेज़ कर दिया गया है। इस अभियान में 2 पीएमसी पुलिस अधिकारी,13 पुलिसकर्मी,35 महाराष्ट्र सुरक्षा बल (MSF) के जवान,5 जेसीबी मशीनें,6 गैस कटर,7 ब्रेकर मशीनें और 25 मजदूर शामिल रहे।
अवैध प्लॉट खरीदने वालों को चेतावनी
पीएमसी ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि नवविलयित गांवों में अवैध रूप से तैयार किए गए प्लॉट खरीदने से बचें। अधिकारियों ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के माध्यम से भूमि खरीदने पर भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी विवादों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूमि की खरीद से पहले उसकी कानूनी स्थिति और आवश्यक अनुमतियों की पूरी जांच कर लें। साथ ही,विकास योजना (DP) स्वीकृत होने तक अवैध लेआउट के माध्यम से प्लॉट न खरीदें और अवैध रूप से खरीदी गई जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण न करें। पीएमसी आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर की सीमा में कहीं भी अवैध निर्माण पाए जाने पर भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
संवादाता - यश सोलंकी
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