सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त — मासिक समीक्षा बैठक में कड़े निर्देश
झालावाड़ : सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक शुक्रवार को जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों को स्पष्ट एवं समयबद्ध दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। जिला कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नो-पार्किंग में वाहन खड़े करने वालों पर चालान
जिला कलेक्टर ने नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर ऐसे वाहन चालकों के विरुद्ध चालान की नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के प्रति सख्त रुख अपनाया जाएगा, ताकि शहर में सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था कायम की जा सके।
बेसहारा गोवंश एवं श्वानों से दुर्घटना रोकथाम
बैठक में सड़कों पर विचरण कर रहे बेसहारा गोवंश एवं श्वानों की समस्या पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। नगर परिषद आयुक्त को निर्देशित किया गया कि गोवंश को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा बेसहारा श्वानों के रेस्क्यू एवं प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
मामा-भांजा चौराहा एवं पार्किंग व्यवस्था
मामा-भांजा चौराहे पर बेतरतीब खड़े वाहनों से उत्पन्न यातायात अव्यवस्था पर चर्चा करते हुए जिला कलेक्टर ने संबंधित दुकानदारों को पाबंद करने एवं व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अराजक पार्किंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
बस स्टैंड झालरापाटन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के निर्देश
बस स्टैंड झालरापाटन के आसपास बढ़ते अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने संबंधित विभागों को संयुक्त अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड क्षेत्र में अवैध कब्जों के कारण यातायात बाधित होता है और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत के निर्देश
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) एवं आरएसआरडीसी और पीडब्लूडी के अधिकारियों को जिले की क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर ने कहा कि खराब एवं गड्ढायुक्त सड़कों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सिटी फोरलेन पर क्षतिग्रस्त स्पीड ब्रेकरों को मानकानुसार दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि वाहन चालकों को स्पष्ट संकेत मिल सके और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो।
पीएम राहत योजना की दी जानकारी
इस दौरान बिना बीमा वाले सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए संचालित पीएम राहत योजना की जानकारी देते हुए बताया कि भारत में बिना बीमा या हिट-एंड-रन सड़क दुर्घटना पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा संचालित योजनाओं के तहत की जाती है। इन योजनाओं का उद्देश्य दुर्घटना में घायल या मृत व्यक्तियों के परिवारों को तुरंत वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि इलाज या अन्य जरूरी खर्च पूरे हो सकें।
ऐसी सहायता सरकार द्वारा निर्धारित मुआवज़ा राशि के रूप में दी जाती है और इसका संचालन भारत सरकार की अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से होता है।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचन्द मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मुकेश चंद मीणा, जिला परिवहन अधिकारी समीर जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : रमेश चन्द्र शर्मा

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