सरकार से सहमति के बाद मनरेगा कर्मचारियों का आमरण अनशन समाप्त
रांची /बुढमू : झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ का अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुक्रवार को सरकार के साथ वार्ता में सहमति बनने के बाद स्थगित कर दिया गया। कांके विधायक सुरेश बैठा ने आमरण अनशन पर बैठे कर्मचारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इसके बाद संघ के प्रतिनिधियों ने हड़ताल स्थगित रखने की घोषणा की।
झारखंड मनरेगा कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 12 मार्च से हड़ताल पर थे। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में स्थायीकरण, ग्रेड पे लागू करना, स्वास्थ्य बीमा, सामाजिक सुरक्षा, लंबित बकाया मानदेय का भुगतान, हड़ताल अवधि का मानदेय भुगतान तथा 156 मृत मनरेगा कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी एवं मुआवजा देने की मांग शामिल थी।
17 जून से मनरेगा कर्मचारियों ने भूख हड़ताल और आमरण अनशन शुरू किया था। शुक्रवार को धरनास्थल नागाबाबा लोक भवन से जयपाल सिंह स्टेडियम तक कर्मचारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
इसके बाद झारखंड प्रदेश मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों और सरकार के विभागीय पदाधिकारियों के बीच दिनभर वार्ता हुई। वार्ता के दौरान ग्रेड पे, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा समेत कई मांगों पर सहमति बनी। सरकार से मिले आश्वासन के बाद संघ ने आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया।
मौके पर झारखंड मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध पांडेय, प्रदेश सचिव मो. यासीन अंसारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जोन पीटर बागे, शमीम बाड़ेहार, विकास पांडेय, नन्हे परवेज, संजय प्रमाणिक, लतीफ अंसारी, सकलु उरांव, गोपाल उरांव, सुशील उरांव, अजित उरांव, रामरतन उरांव, फिरोज अहमद, मिनहाज अंसारी, रोहित ठाकुर सहित बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मचारी मौजूद थे।
रिपोर्टर : राशीद अंसारी
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