सालहन की ऐतिहासिक जतरा टोंगरी को पर्यटन स्थल बनाने की पहल, ग्रामसभा में संरक्षण और विकास का लिया गया निर्णय।।

बुढ़मू :  रांची जिले के बुढ़मू प्रखंड अंतर्गत सालहन गांव में मंगलवार को सामुदायिक वन प्रबंधन समिति एवं ग्रामसभा की ओर से विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया गया। ग्रामसभा में सालहन मौजा स्थित ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक महत्व वाली जतरा टोंगरी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने एकमत होकर टोंगरी के विकास के साथ-साथ इसकी प्राकृतिक सुंदरता, वन संपदा और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने पर जोर दिया।

ग्रामसभा में उपस्थित ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जतरा टोंगरी क्षेत्र में पर्यटन की पर्याप्त संभावनाएं हैं। यदि योजनाबद्ध तरीके से इसका विकास किया जाए तो यह क्षेत्र स्थानीय स्तर पर आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इसके माध्यम से क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती को नई पहचान मिलने के साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसर भी बढ़ सकते हैं। हालांकि, विकास के दौरान पर्यावरण और जंगल को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन के केंद्रीय प्रभारी राजेश कुमार महतो एवं सूर्यमणि भगत समेत अन्य लोगों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर जतरा टोंगरी के संरक्षण और विकास को लेकर विचार-विमर्श किया। ग्रामसभा में यह बात सामने आई कि क्षेत्र के प्राकृतिक स्वरूप को बनाए रखते हुए पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने भी जतरा टोंगरी को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की प्रतिबद्धता जताई।

"मांदर की थाप पर हुआ बोड़ गड़ी कार्यक्रम"

ग्रामसभा के बाद जतरा टोंगरी पर पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार बोड़ गड़ी कार्यक्रम आयोजित किया गया। ढोल-नगाड़ों और मांदर की थाप के बीच ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों ने भी अपनी सहभागिता निभाई। कार्यक्रम ने क्षेत्र की आदिवासी एवं स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की।
आयोजकों ने कहा कि जतरा टोंगरी केवल प्राकृतिक स्थल ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की परंपरा और आस्था से भी जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में इसके विकास की योजना तैयार करते समय स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक व्यवस्था को प्राथमिकता देना जरूरी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय पाहन ने की, जबकि संचालन लगनलाल कुमार ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड जंगल बचाओ आंदोलन के केंद्रीय प्रभारी राजेश कुमार महतो और सूर्यमणि भगत उपस्थित रहे। इसके अलावा धर्मेश भगत, बाबूराम मांझी, ग्राम पंचायत चैनगड़ा की मुखिया देवंती देवी, सुधीर कुमार, नागेश्वर महतो, हरीलाल गंझू, युगेश महतो, महेंद्र महतो, नागेश्वर गंझू, हरिहर महतो, सोनमती कुमारी, संजना देवी एवं सुलोचना देवी, ललिता देवी समेत आसपास के गांवों के अनेक गणमान्य लोग और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामसभा में लिए गए निर्णय के बाद अब ग्रामीणों में जतरा टोंगरी के भविष्य को लेकर उम्मीद जगी है। लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन, ग्रामसभा और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से इस स्थल का विकास किया जाए, तो जतरा टोंगरी बुढ़मू क्षेत्र के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना सकती है।

 रिपोर्टर : राशीद अंसारी 

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