कॉम्बिंग गश्त में अमहिया पुलिस का शिकंजा, 7 वारंटी गिरफ्तार
रीवा : 3-4 साल से पुलिस को चकमा दे रहे 2 स्थाई वारंटी भी दबोचे गए, 5 गिरफ्तारी वारंट की तामीली — सभी आरोपी न्यायालय में पेश। दरअसल पूरा मामला रीवा जिले से है जहां पर फरार वारंटियों और कानून से बचकर घूम रहे आरोपियों के खिलाफ अमहिया पुलिस ने रात भर कॉम्बिंग गश्त चलाकर बड़ा शिकंजा कसा है। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में कुल 7 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 5 गिरफ्तारी वारंटी और 2 स्थाई वारंटी शामिल हैं। लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
वर्षों से पुलिस को दे रहे थे चकमा, आखिरकार दबोचे गए
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार गौतम के नेतृत्व में अमहिया पुलिस टीम ने रातभर सघन गश्त और धरपकड़ अभियान चलाया। पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड खंगालते हुए फरार वारंटियों को चिन्हित किया और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देकर गिरफ्तारियां कीं।
पुलिस के मुताबिक,पकड़े गए 2 स्थाई वारंटी पिछले 3 से 4 वर्षों से फरार चल रहे थे। लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहे इन आरोपियों पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस गया। वहीं 5 अन्य आरोपी पिछले 2 से 4 महीनों से गिरफ्तारी वारंट में वांछित थे।
सूचना तंत्र और सघन गश्त से मिली सफलता
अमहिया पुलिस ने वारंटियों की धरपकड़ के लिए क्षेत्र में लगातार निगरानी और सूचना तंत्र को सक्रिय रखा। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी, जिसके परिणामस्वरूप एक ही अभियान में 7 वारंटियों को पकड़ने में सफलता मिली।
सभी आरोपियों को न्यायालय में किया पेश
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि वारंट जारी होने के बाद कानून से बचकर घूम रहे आरोपियों को किसी भी कीमत पर राहत नहीं दी जाएगी।
फरार वारंटियों की अब खैर नहीं
थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार गौतम ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हर माह नियमित रूप से कॉम्बिंग गश्त और फरार वारंटियों की धरपकड़ का अभियान चलाया जाता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए फरार आरोपियों और वारंटियों की तलाश लगातार जारी रहेगी।
अमहिया पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है—वारंट लेकर वर्षों तक पुलिस की नजरों से बचने वाले आरोपियों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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