रूपौली में पानी की टंकी निर्माण पर बड़ा सवाल, गुणवत्ता विहीन सामग्री के आरोप से मचा हड़कंप

रीवा :  जिले की ग्राम पंचायत रूपौली में निर्माणाधीन पानी की टंकी के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने ठेकेदार शुभम तिवारी पर गुणवत्ता विहीन निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस पानी की टंकी से भविष्य में बड़ी आबादी को पेयजल उपलब्ध कराया जाना है, उसके निर्माण की शुरुआती प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में है।ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी के बेस और पिलर जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों में इस्तेमाल हो रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि यदि नींव और शुरुआती ढांचा ही निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है तो भविष्य में पूरी टंकी की मजबूती और सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

निर्माण स्थल पर तकनीकी निगरानी कितनी?
मामले ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण स्थल का तकनीकी अधिकारियों से तत्काल निरीक्षण कराया जाए और इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच की जाए। साथ ही निर्माण का डिजाइन, मापदंड, स्वीकृत प्राक्कलन और मौके पर किए जा रहे कार्य का मिलान भी कराया जाए।
लापरवाही हुई तो जिम्मेदार कौन?
पानी की टंकी कोई सामान्य निर्माण कार्य नहीं है। इसमें घटिया सामग्री के इस्तेमाल की स्थिति में भविष्य में दरार, संरचनात्मक कमजोरी या अन्य गंभीर समस्या सामने आ सकती है। ऐसे में निर्माण पूरा होने के बाद जांच के बजाय अभी निर्माण के दौरान ही गुणवत्ता की निगरानी जरूरी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराएगा? क्या सामग्री के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार ठेकेदार और निगरानी करने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
फिलहाल ग्रामीणों की नजर विभागीय कार्रवाई पर है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार हो रहा है या आरोपों में कितनी सच्चाई है।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

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