दिलीप शर्मा को न्याय दिलाने आमरण अनशन पर बैठे पं.सतीश चौबे, भूपेश विक्रम सिंह को हटाने की मांग तेज
रीवा : खबर मध्यप्रदेश के रीवा जिले से है जहां पर दिलीप शर्मा प्रकरण को लेकर रीवा में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कर्मचारी दिलीप शर्मा को न्याय दिलाने की मांग अब आंदोलन में तब्दील हो गई है। ब्राह्मण समाज के प्रदेश सचिव पं.सतीश चौबे आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारी भूपेश विक्रम सिंह को हटाने और पूरे मामले में कार्रवाई की मांग उठाते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो सवर्ण समाज बड़े आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेगा।
यूजीसी विरोध कार्यक्रम में शामिल होने पर कार्रवाई का आरोप
मामले की जड़ यूजीसी के मुद्दे पर आयोजित सवर्ण समाज के कार्यक्रम से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि छुट्टी के दिन आयोजित कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में शामिल होने के बाद कर्मचारी दिलीप शर्मा को हटाने के लिए प्रतिवेदन भेजे जाने की बात सामने आई। इसी घटनाक्रम के बाद विरोध के स्वर तेज हुए और अब मामला आमरण अनशन तक पहुंच गया है।
अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
आंदोलनकारी पक्ष ने अधिकारी भूपेश विक्रम सिंह की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने, प्रताड़ित करने और दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना बाकी है।
आमरण अनशन से बढ़ा दबाव, अब प्रशासन की परीक्षा
पं. सतीश चौबे ने स्पष्ट किया है कि दिलीप शर्मा को न्याय मिलने और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा और सवर्ण समाज सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएगा।
दिलीप शर्मा प्रकरण अब केवल एक कर्मचारी की कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक निष्पक्षता और कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार का सवाल भी बनता जा रहा है।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन आंदोलनकारियों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय लेगा, या फिर आमरण अनशन और आंदोलन की चेतावनी के बीच मामला और तूल पकड़ेगा?
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी

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