किसान नहीं बीजेपी सरकार है डिफाल्टर- शिव सिंह
रीवा - जिले सहित समूचे मध्य प्रदेश में बीजेपी की मोहन सरकार ने किसानों के खिलाफ एक फरमान जारी किया है कि दो दिवस के अंदर जो किसान सहकारी समितियों का ऋण अदा नहीं करते हैं तो उन्हें जीरो प्रतिशत की बजाय 12 फ़ीसदी ब्याज के साथ ऋण अदा करना पड़ेगा इतना ही नहीं ऐसे किसानों को डिफाल्टर घोषित करते हुए उन्हें खाद व अन्य सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। बीजेपी सरकार के तानाशाही पूर्ण फरमान का कड़ा विरोध करते हुए किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव एसकेएम के नेता शिव सिंह एडवोकेट ने कहा कि मध्य प्रदेश के किसान डिफाल्टर नहीं हैं बल्कि भाजपा सरकार स्वयं डिफाल्टर है क्योंकि 3 वर्ष पूर्व विधानसभा चुनाव दौरान बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में 3100 रुपए प्रति कुंटल धान एवं 2700 रुपए प्रति कुंतल गेहूं का समर्थन मूल्य देने का वादा किया था तब से लगातार तीन-तीन बार प्रदेश में गेहूं एवं धान की खरीदी हो चुकी है लेकिन सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया। सरकार यदि अपना वादा पूरा कर देती तो किसानों से ऋण वसूली का कोई सवाल ही उत्पन्न नहीं होता। आज भी रीवा के बीड़ा समिति से धान का एक करोड़ 18 लाख रुपए किसानों का बाकी है। इसलिए सरकार स्वयं डिफाल्टर है। शिव सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को डिफाल्टर कहना बर्दाश्त के बाहर होगा। सरकार अपना तुगलकी फरमान वापस ले और किसानों की कर्ज माफी करें।
रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी
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