रीवा का इको पार्क बना विवादों का केंद्र,शुल्क वसूली पर उठे गंभीर सवाल
रीवा - इको पार्क,जो सरकारी धन और सरकारी भूमि पर विकसित किया गया था, एक बार निर्माण के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरा और बाद में दोबारा तैयार किया गया। अब यह पार्क एक नए विवाद के कारण चर्चा में है।आरोप है कि जिस पार्क को आम जनता के लिए निःशुल्क बताया गया था, वहां वर्षों से घूमने आने वाले लोगों से ₹100 तक का शुल्क वसूला जाता रहा। शुल्क वसूली को लेकर समय-समय पर स्थानीय नागरिकों,सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों ने सवाल उठाए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया गया। अब मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि आखिर इको पार्क में प्रवेश शुल्क किसके आदेश पर लिया जा रहा था? यदि पार्क निःशुल्क था, तो करोड़ों रुपये की कथित आय किस आधार पर और किस खाते में जमा होती रही? इस पूरे मामले में जिम्मेदारी किसकी है—प्रशासन की,संबंधित विभाग की या फिर सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों की? यह जांच का विषय है। शासन और प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच में पुष्टि होती है,तो न केवल संबंधित अधिकारी बल्कि पूरी व्यवस्था भी कठघरे में खड़ी नजर आ सकती है। अब जनता यह जानना चाहती है कि इको पार्क में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कब होगी और दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी
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