सिविल कोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद जमीन पर कब्जे का आरोप
रीवा - जिले की दुआरी ग्राम पंचायत में महिला सरपंच के पति पर पद के प्रभाव का इस्तेमाल कर एक शिक्षक की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि सिविल कोर्ट के स्थगन (स्टे) आदेश के बावजूद विवादित भूमि पर नाप-जोख कर कब्जा करने का प्रयास किया गया। इस दौरान गाली-गलौज और धक्का-मुक्की का एक वीडियो भी सामने आया है। मामले की शिकायत चोरहटा थाने में की गई है,जबकि पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित शिक्षक के अनुसार, उनके पिता सहित चार भाइयों के बीच 24 अप्रैल 2016 को आराजी क्रमांक 424 एवं 439 का विधिवत बंटवारा पटवारी और तहसीलदार की मौजूदगी में हुआ था। राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज होने के बाद सभी अपने-अपने हिस्से पर वर्षों से काबिज हैं और कई लोगों ने मकान भी बना लिए हैं। पीड़ित का आरोप है कि दुआरी पंचायत में महिला सरपंच के निर्वाचित होने के बाद उनके पति राजमणि यादव ने आराजी क्रमांक 424/3 की लगभग 30 डिसमिल जमीन पर दावा करना शुरू कर दिया। तभी से लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने 9 जनवरी 2023 को सिविल न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने 2 दिसंबर 2024 को विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश (स्टे) जारी किया। आरोप है कि इसके बावजूद रविवार को विवादित भूमि पर नाप-जोख कर कब्जा करने का प्रयास किया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि अदालत के आदेश की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। पीड़ित शिक्षक का यह भी आरोप है कि गांव में प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण कोई भी ट्रैक्टर चालक उनके खेत की जुताई करने को तैयार नहीं होता। जो भी खेत जोतने पहुंचता है, उसे कथित रूप से धमकाकर लौटा दिया जाता है। पीड़ित ने भावुक होकर बताया कि उनके पिता सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और वह स्वयं शिक्षक हैं। उनका कहना है कि अपने ही खेत पर जाने पर उन्हें लाठी-डंडों से डराया जाता है तथा जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि राजस्व रिकॉर्ड और नक्शे के अनुसार विवादित 30 डिसमिल भूमि उनके हिस्से में दर्ज है, जबकि आरोपी पक्ष की भूमि मुख्य सड़क के किनारे स्थित है। इसके बावजूद कथित रूप से उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की शिकायत चोरहटा थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में अदालत के स्थगन आदेश के बावजूद विवाद और कथित कब्जे की कोशिश के आरोप प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद पुलिस और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।
रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी
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