बकिया बराज से बीड़ा तक 12 किमी WBM सड़क निर्माण पर उठे गंभीर सवाल,आखिर किस मद से हो रहा करोड़ों का खर्च?
रीवा : टोंस हाइडल परियोजना क्षेत्र में बकिया बराज से बीड़ा तक लगभग 12 किलोमीटर लंबी WBM सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है। लेकिन सड़क निर्माण कार्य से बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर यह कार्य किस विभाग,किस एजेंसी और किस वित्तीय मद से कराया जा रहा है? हैरानी की बात यह है कि निर्माण स्थल पर कार्य से जुड़ी आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं होने का आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण सरकारी धन से कराया जा रहा है, तो परियोजना की स्वीकृत लागत, कार्यदायी संस्था, ठेकेदार का नाम, कार्यादेश, तकनीकी स्वीकृति और निर्माण अवधि जैसी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। लेकिन इन जानकारियों के अभाव में पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सड़क टोंस हाइडल परियोजना के संचालन एवं रखरखाव (O&M) मद से बनाई जा रही है, सिविल वर्क्स के तहत बनाई जा रही है या किसी अन्य योजना के अंतर्गत इसका भुगतान किया जा रहा है? यदि निर्माण कार्य पूरी तरह नियमों के अनुरूप हो रहा है, तो संबंधित विभाग को इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये के सार्वजनिक धन से होने वाले किसी भी निर्माण कार्य में पूरी पारदर्शिता होना आवश्यक है। कार्यस्थल पर सूचना पट्ट, स्वीकृति का विवरण और निर्माण एजेंसी की जानकारी उपलब्ध कराना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। यदि यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है, तो इससे स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े होंगे।
अब लोगों की नजर संबंधित विभाग और परियोजना प्रबंधन पर है। क्या विभाग निर्माण कार्य से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करेगा? क्या यह स्पष्ट किया जाएगा कि सड़क निर्माण किस मद से कराया जा रहा है और इसके लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई है? इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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