सेमरिया में बारिश से हाहाकार,विधायक की गैरमौजूदगी पर गरमाई सियासत
रेवा : मुसीबत में जनता,सवालों के घेरे में जनप्रतिनिधित्व,आखिर संकट के समय कहां थे विधायक अभय मिश्रा? दरअसल पूरा मामला रीवा जिले के सेमरिया विधानसभा क्षेत्र से है जहां पर सेमरिया विधानसभा क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश ने गांव-गांव के हालात बिगाड़ दिए हैं। कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए,ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया और कुछ मकानों के क्षतिग्रस्त होने से परिवारों के सामने सिर छिपाने से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक का संकट खड़ा हो गया। खेत पानी में डूबे हैं, सड़कें और नाले उफान पर हैं और ग्रामीण भारी परेशानी से जूझ रहे हैं।
लेकिन बारिश से मची इस तबाही के बीच अब सेमरिया में सियासी सवाल भी तेज हो गया है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि जब विधानसभा क्षेत्र के कई गांव प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे थे,तब क्षेत्रीय विधायक अभय मिश्रा की मौके पर सक्रियता दिखाई क्यों नहीं दी?
ग्रामीणों का कहना है कि संकट की घड़ी में जनता को केवल सरकारी घोषणाओं की नहीं,बल्कि अपने जनप्रतिनिधि की मौजूदगी और भरोसे की भी जरूरत होती है। प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों का हाल जानना, नुकसान का जायजा लेना और प्रशासन के सामने राहत एवं मुआवजे की मांग रखना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा माना जाता है।
जनता परेशान,विधायक की गैरमौजूदगी पर सवाल
सेमरिया विधानसभा क्षेत्र में बारिश से उत्पन्न हालात को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब ग्रामीणों के घरों में पानी घुस रहा था और परिवार संकट में थे,उस समय विधायक अभय मिश्रा कहां थे?
अभय मिश्रा रीवा जिले के एकमात्र कांग्रेस विधायक हैं। ऐसे में विपक्षी राजनीति से जुड़े होने के बावजूद आपदा के समय उनकी सक्रियता को लेकर उठ रहे सवालों ने राजनीतिक बहस को और धार दे दी है। जनता के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि जनप्रतिनिधि ही संकट के समय प्रभावित लोगों के बीच नजर नहीं आएंगे तो आखिर ग्रामीण अपनी पीड़ा किसके सामने रखेंगे?
सवाल गंभीर,जवाब विधायक को देना होगा
हालांकि, विधायक अभय मिश्रा की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी संभव है कि वे क्षेत्र से बाहर रहे हों अथवा किसी अन्य कारण से प्रभावित गांवों तक नहीं पहुंच सके हों। ऐसे में उनका पक्ष सामने आना जरूरी है, ताकि स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।
फिलहाल बारिश ने सेमरिया के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और इसके साथ ही विधायक की सक्रियता को लेकर राजनीतिक सवाल भी खड़े हो गए हैं।
अब जनता की नजर विधायक अभय मिश्रा के जवाब पर है—
“जब सेमरिया की जनता बारिश और बाढ़ जैसे हालात से जूझ रही थी, तब उसके जनप्रतिनिधि कहां थे?”
बारिश का पानी भले ही धीरे-धीरे उतर जाए, लेकिन संकट के समय जनप्रतिनिधि की मौजूदगी और जवाबदेही को लेकर उठे ये सवाल अब आसानी से ठंडे पड़ते नजर नहीं आ रहे।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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