आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचे पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, मुआवजे के लिए उठाई आवाज

सेमरिया :  मध्यप्रदेश के रीवा जिले के सेमरिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खड्डा की आदिवासी बस्ती में आई भीषण बाढ़ ने ग्रामीणों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दीं। बाढ़ से प्रभावित परिवारों की पीड़ा जानने पूर्व भाजपा विधायक केपी त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से सीधे संवाद कर उनके नुकसान तथा परेशानियों की जानकारी ली।
बाढ़ की भयावह रात का जिक्र करते हुए प्रभावित गंगा आदिवासी झल्ला ने बताया कि चारों तरफ पानी ही पानी था। हालात इतने विकट हो गए थे कि ऐसा लग रहा था, जैसे पूरा परिवार समुद्र के बीच घिर गया हो। उस समय सबसे बड़ी चिंता परिवार के सदस्यों की जान बचाने की थी और हर तरफ भय का माहौल बना हुआ था।
हालांकि सुबह प्रशासनिक अमले ने तत्परता दिखाते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया और बाढ़ में फंसे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी ने खड्डा पहुंचकर प्रभावित परिवारों का हाल जाना और उनके नुकसान को करीब से समझा।
मुआवजे के लिए सर्वे की मांग
पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित परिवारों के नुकसान का निष्पक्ष और शीघ्र सर्वे कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के मकान, घरेलू सामान और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें शासन के नियमानुसार राहत और मुआवजा मिलना चाहिए।
उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। पीड़ितों की समस्याओं को शासन और प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा तथा पात्र परिवारों को राहत और सहायता दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
पानी उतर गया, लेकिन संकट बरकरार
बाढ़ का पानी भले ही उतर गया हो, लेकिन आदिवासी बस्ती के परिवारों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। घर-गृहस्थी के नुकसान, रोजमर्रा की जरूरतों और भविष्य की चिंता से ग्रामीण अब भी जूझ रहे हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों की नजर अब प्रशासन द्वारा कराए जाने वाले सर्वे और शासन से मिलने वाली राहत पर टिकी हुई है।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

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