कल्पना मिश्रा मौत मामले में ब्राह्मण समाज के दबाव का असर सरकार ने घोषित की ₹2 लाख राहत राशि
रेवा - पुतला दहन की चेतावनी के बाद जागी सरकार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आर्थिक सहायता की घोषणा की; दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई का आश्वासन। दरअसल पूरा मामला मध्यप्रदेश के रीवा जिले से है जहां पर संजय गांधी अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और स्व.कल्पना मिश्रा एवं उनके नवजात की मौत के मामले में अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज महिला मोर्चा रीवा के आंदोलन की चेतावनी का असर सामने आया है। समाज द्वारा मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का पुतला दहन करने की चेतावनी दिए जाने के बाद सरकार ने मामले में संज्ञान लेते हुए मृतका के परिवार को मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता कोष से ₹2 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा के निर्देशन में महिला मोर्चा रीवा ने संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं और चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी थी। समाज का कहना था कि कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के बाद पीड़ित परिवार को राहत देने के मामले में सरकार की चुप्पी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल द्वारा संज्ञान लेते हुए मृतका के निधन पर संवेदना व्यक्त की गई तथा परिवार को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई। साथ ही मामले की उचित जांच और दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
मांग मानी तो पुतला दहन कार्यक्रम निरस्त
सरकार द्वारा राहत राशि की घोषणा और जांच के निर्देश के बाद अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज महिला मोर्चा ने प्रस्तावित पुतला दहन कार्यक्रम निरस्त करने का निर्णय लिया है। समाज का कहना है कि वर्तमान में उसकी प्रमुख मांगों को प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है, इसलिए आंदोलन का यह चरण स्थगित किया जा रहा है। वहीं ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर संजय गांधी अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए डीन डॉ. सुनील अग्रवाल और अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा की कार्यप्रणाली की भी जांच कर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।
अब कार्रवाई नहीं हुई तो रीवा बंद और कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी ब्राह्मण समाज ने साफ कर दिया है कि ₹2 लाख की सहायता राशि की घोषणा को आंदोलन का अंत नहीं माना जाएगा। समाज की नजर अब जांच और कार्रवाई पर है। यदि संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई जल्द नहीं होती है, तो अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज एवं समस्त सवर्ण समाज रीवा बंद और कलेक्ट्रेट घेराव जैसे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले में जांच केवल आश्वासन तक सीमित रहेगी, या वास्तव में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन के कदम इस सवाल का जवाब देंगे।
रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी
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