सतना में बारिश का कहर,उफनते नदी-नालों के बीच स्कूल क्यों- रवि पाण्डेय

रीवा - रीवा और सतना जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं, कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन तक प्रभावित हो गया है। ऐसे खतरनाक हालात के बीच स्कूली बच्चों को स्कूल भेजने का फैसला अब गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष रवि पांडेय ने प्रशासन से दो टूक मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों की छुट्टी 2 से 3 दिन और बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसी हादसे के बाद जागने के बजाय पहले ही एहतियाती कदम उठाने चाहिए। उफनते नदी-नालों के बीच बच्चों को स्कूल भेजना कितना सुरक्षित? रवि पांडेय ने कहा कि लगातार बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हैं और नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां अनेक बच्चे स्कूल पहुंचने के लिए ऐसे रास्तों से गुजरते हैं, जिन पर बारिश के दौरान पानी भर जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी बच्चे के साथ नदी-नाले पार करते समय या जलभराव वाले रास्ते पर कोई अप्रिय घटना हो गई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रशासन को खतरे को नजरअंदाज करने के बजाय बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल निर्णय लेना चाहिए।

हादसे का इंतजार न करे प्रशासन’

रवि पांडेय ने रीवा कलेक्टर से मांग की है कि वर्तमान मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्कूलों में आगामी 2 से 3 दिनों की अतिरिक्त छुट्टी घोषित की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की जिंदगी किसी भी प्रशासनिक औपचारिकता से ज्यादा महत्वपूर्ण है। जब नदी-नाले उफान पर हों, रास्ते जलमग्न हों और लगातार बारिश का दौर जारी हो, तब स्कूल खोलने का निर्णय लेने से पहले बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि किसी अप्रिय घटना के बाद जिम्मेदारी तय करने से बेहतर है कि उससे पहले ही एहतियाती कदम उठा लिए जाएं। प्रशासन तत्काल मौसम और जमीनी हालात का आकलन कर स्कूलों में छुट्टी बढ़ाने पर निर्णय ले, ताकि बच्चों और अभिभावकों को अनावश्यक जोखिम न उठाना पड़े।

रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी 

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