रीवा SGMH में फिर “कारनामा” या इलाज में गंभीर चूक? मरीज के मुंह से कीड़े निकलने के आरोप से मचा हड़कंप
रीवा : संजय गांधी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर सवालिया निशान—सड़क हादसे के बाद भर्ती महिला की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप,निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग।
दरअसल पूरा मामला रीवा जिले के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय (SGMH) का है जहां एक बार फिर मरीज के परिजन द्वारा अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोपों के घेरे में है। अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सामने आ रहे विवादों के बीच अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मरीजों के इलाज और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीज के मुंह से कथित तौर पर कीड़े निकलने के आरोप ने स्वास्थ्य महकमे में भी हलचल पैदा कर दी है।
जानकारी के अनुसार सतना निवासी यश गुप्ता का आरोप है कि उनकी माताजी सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद 30 अगस्त को संजय गांधी अस्पताल, रीवा में भर्ती हुई थीं। परिजनों का दावा है कि भर्ती के समय उनकी हालत ऐसी नहीं थी कि उन्हें इस तरह की गंभीर स्थिति का सामना करना पड़े। परिवार के मुताबिक, भर्ती के दौरान वह बातचीत कर रही थीं, लेकिन इलाज के दौरान धीरे-धीरे उनकी हालत बिगड़ती चली गई।
मुंह से कीड़े निकलने के दावे ने बढ़ाई चिंता
परिजनों का कहना है कि वर्तमान में महिला कोमा की स्थिति में हैं और उनके मुंह से कथित तौर पर कीड़े निकलने की बात सामने आई है। इस दावे ने अस्पताल में मरीजों की देखभाल,स्वच्छता, निगरानी और उपचार व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि,मरीज की वर्तमान स्थिति और कीड़े निकलने के आरोप की चिकित्सकीय पुष्टि अभी सामने नहीं आई है, इसलिए पूरे मामले की वास्तविकता निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन परिजनों के आरोप इतने गंभीर हैं कि इन्हें नजरअंदाज करना अस्पताल प्रबंधन के लिए आसान नहीं होगा।
परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
परिवार ने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिजनों का सवाल है कि आखिर भर्ती के बाद मरीज की हालत लगातार क्यों बिगड़ती गई? क्या इलाज के दौरान मरीज की नियमित निगरानी की गई? क्या संक्रमण और स्वच्छता संबंधी प्रोटोकॉल का पालन हुआ? और सबसे बड़ा सवाल—अगर किसी स्तर पर लापरवाही नहीं हुई, तो मरीज इस स्थिति तक कैसे पहुंची?
SGMH प्रबंधन के सामने फिर बड़ी चुनौती
संजय गांधी अस्पताल में पिछले दिनों सामने आए विवादों के बाद एक बार फिर ऐसी शिकायत सामने आना अस्पताल प्रबंधन के लिए गंभीर चुनौती है। अब जरूरत केवल आश्वासन की नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर जांच और स्पष्ट जवाब की है।
अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट करना चाहिए कि मरीज को भर्ती किए जाने के बाद कौन-कौन से उपचार दिए गए, उसकी हालत कब और क्यों बिगड़ी, उसकी निगरानी किस स्तर पर हुई और वर्तमान स्थिति के पीछे चिकित्सकीय कारण क्या हैं।
गरीब और आम मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचता है। उसे इलाज के साथ जवाबदेही, पारदर्शिता और सम्मान भी चाहिए—सवालों का बोझ नहीं।
अब देखना होगा कि SGMH प्रबंधन इस मामले को भी महज एक आरोप मानकर टालता है या निष्पक्ष जांच कराकर सच जनता और परिजनों के सामने रखता है।
सवाल सीधा है—मरीज की हालत बिगड़ने के पीछे आखिर बीमारी की गंभीरता है, उपचार की जटिलता है या कहीं कोई लापरवाही हुई है? इसका जवाब SGMH प्रबंधन को देना होगा।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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