CDS में AIR-24 और टेक्निकल ब्रांच में देश में नंबर-1 आयुषी वर्मा की कामयाबी पर गूंजा रीवा डिप्टी सीएम बोले पूरे विंध्य को आयुषी पर गर्व
रीवा - विंध्य की माटी ने एक बार फिर देशसेवा के मैदान में अपना परचम लहरा दिया है। रीवा की बेटी आयुषी वर्मा ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसने पूरे रीवा ही नहीं,बल्कि विंध्य अंचल का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। आयुषी की इस शानदार उपलब्धि पर रीवा में सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया गया। सिंधु भवन रीवा में आयोजित भव्य अभिनंदन समारोह में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सामाजिक संगठनों, गणमान्य नागरिकों तथा आयुषी के माता-पिता और परिजनों की मौजूदगी में उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान आयुषी की उपलब्धि पर पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
“आयुषी की सफलता पूरे विंध्य का गौरव”
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि आयुषी की सफलता केवल उनके परिवार की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे रीवा और विंध्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विंध्य की धरती ने हमेशा देश की रक्षा के लिए वीर सपूत दिए हैं और अब इस गौरवशाली परंपरा को बेटियां भी आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी जैसे सैन्य नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि विंध्य की धरती से निकली प्रतिभाएं देश की सुरक्षा व्यवस्था में लगातार अपनी पहचान बना रही हैं।
CDS में AIR-24, टेक्निकल ब्रांच में देश में टॉपम
आयुषी वर्मा की उपलब्धि इसलिए और भी बड़ी है क्योंकि उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित CDS परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-24 हासिल की। वहीं टेक्निकल ब्रांच में देशभर में प्रथम स्थान यानी AIR-1 प्राप्त कर उन्होंने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत का लोहा मनवाया। रीवा में स्कूली शिक्षा हासिल करने वाली आयुषी के पिता शिक्षक हैं। बताया गया कि 12वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने भारतीय सेना में शामिल होकर देशसेवा करने का लक्ष्य तय कर लिया था। लक्ष्य स्पष्ट था, रास्ता कठिन था, लेकिन आयुषी ने मेहनत और अनुशासन के दम पर आखिरकार वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसका सपना उन्होंने वर्षों पहले देखा था।
असम में प्रशिक्षण के बाद संभालेंगी सैन्य जिम्मेदारी
असम में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब लेफ्टिनेंट आयुषी वर्मा सैन्य सेवा के लिए रवाना होने जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए भगवान महामृत्युंजय से प्रार्थना की कि आयुषी सैन्य सेवा में सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल करें और देश के साथ-साथ रीवा तथा पूरे विंध्य का नाम लगातार रोशन करती रहें।
आयुषी बोलीं—लक्ष्य साफ हो तो मंजिल दूर नहीं अपनी सफलता पर आयुषी वर्मा ने कहा कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। उनकी सफलता आज रीवा की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। आयुषी की कहानी सिर्फ एक बेटी के सेना में अफसर बनने की कहानी नहीं है। यह उस बदलते विंध्य की तस्वीर है, जहां बेटियां अब सीमाओं की रक्षा करने का सपना देख रही हैं और उसे हकीकत में बदलने का जज्बा भी रखती हैं। CDS में AIR-24 और टेक्निकल ब्रांच में देश में नंबर-1 की उपलब्धि के साथ लेफ्टिनेंट बनी आयुषी वर्मा ने साबित कर दिया कि विंध्य की बेटियां किसी भी मोर्चे पर पीछे नहीं हैं।
रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी
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