मरीज के शरीर में कीड़ा मिलने की खबर पर अस्पताल प्रबंधन ने खोला राज,कहा ‘खबरें भ्रामक और तथ्यों से परे’

रीवा : संजय गांधी स्मारक चिकित्सालय (SGMH) एक बार फिर सुर्खियों में है। मरीज श्रीमती अर्चना गुप्ता की मौत के बाद उनके शरीर में कीड़ा मिलने से जुड़ी खबरों पर अब अस्पताल प्रशासन ने सीधा पलटवार किया है। प्रबंधन ने मीडिया में प्रसारित खबरों को भ्रामक और तथ्यों से परे बताते हुए मरीज की मेडिकल स्थिति से लेकर कीड़ा मिलने की परिस्थितियों तक अपना पूरा पक्ष सामने रखा है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, 41 वर्षीय श्रीमती अर्चना गुप्ता 30 अगस्त 2026 को सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल में भर्ती हुई थीं। भर्ती के समय ही उनका GCS E3V2M5 था, जिसे चिकित्सकीय दृष्टि से अत्यंत गंभीर स्थिति माना जाता है।
प्रबंधन के मुताबिक उपचार के दौरान भी मरीज की न्यूरोलॉजिकल स्थिति में गंभीरता बनी रही। मरीज के दिमाग में सूजन और खून का थक्का मौजूद था। अस्पताल का कहना है कि वह पिछले पांच दिनों से Vegetative State में GCS E1VTM1 की स्थिति में थीं। दोनों पुतलियां mid-dilated एवं non-reactive पाई गई थीं।
परिजनों को पहले ही बता दी गई थी गंभीर स्थिति?
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि मरीज की गंभीर स्थिति और poor prognosis के संबंध में परिजनों को नियमित रूप से जानकारी दी गई थी। इतना ही नहीं, प्रबंधन के अनुसार उन्हें इस संबंध में लिखित रूप से भी सूचित किया गया था।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज के परिजन चिकित्सालय प्रशासन से भी मिले थे,जहां उन्हें मरीज की गंभीर स्थिति और संभावित परिणामों के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। प्रबंधन के मुताबिक परिजनों ने उपलब्ध कराई गई जानकारी पर संतुष्टि भी व्यक्त की थी।
7 सितंबर को मौत, फिर हुआ पोस्टमार्टम
अस्पताल प्रशासन के अनुसार उपचार के दौरान 7 सितंबर 2026 को दोपहर 12:03 बजे मरीज को मृत घोषित किया गया। इसके बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम की कार्रवाई भी पूरी कराई गई।मरीज के आसपास की परिस्थितियों को लेकर अस्पताल प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण दावा किया है। प्रबंधन के मुताबिक वार्ड में मरीज के आसपास उनके परिजनों द्वारा लाया गया भोजन रखा हुआ था। उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर अस्पताल प्रबंधन ने कीड़ा मिलने की वजह के तौर पर परिजनों द्वारा लाए गए भोजन से आने की संभावना जताई है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इसके अलावा ऐसी कोई अन्य परिस्थिति उसके संज्ञान में नहीं आई, जिससे कीड़ा मिलने की किसी दूसरी वजह की पुष्टि हो सके।
‘मीडिया में चल रही खबरें भ्रामक’ अस्पताल प्रशासन
पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मीडिया में प्रसारित की जा रही खबरें भ्रामक एवं तथ्यों से परे हैं। चिकित्सालय प्रशासन ने इन खबरों का खंडन करते हुए मरीज की मेडिकल स्थिति और घटना से जुड़ी परिस्थितियों पर अपना पक्ष जारी किया है।
अब इस मामले में एक तरफ अस्पताल प्रबंधन का यह विस्तृत स्पष्टीकरण है,वहीं दूसरी तरफ घटना को लेकर सामने आईं खबरें और दावे हैं। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध चिकित्सकीय दस्तावेज इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

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