कल्पना मिश्रा मौत मामला अब अथर्व ब्लड सेंटर पर FIR की तैयारी,शासन के निर्देश से मचा हड़कंप
रीवा - जिले के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में प्रसव के दौरान श्रीमती कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत के मामले में अब अथर्व ब्लड सेंटर की कथित अनियमितता पर भी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने विभागीय कार्रवाई से आगे बढ़ते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मध्यप्रदेश के नियंत्रक मनोज पुष्प ने 16 सितंबर 2026 को रीवा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं पदेन उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन को पत्र जारी किया है। इसमें मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के 15 सितंबर 2026 के पत्र में दिए गए निर्देशों के आधार पर अथर्व ब्लड सेंटर द्वारा की गई अनियमितता के संबंध में औषधि निरीक्षक के माध्यम से आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने को कहा गया है।
विभागीय कार्रवाई से आगे बढ़ा मामला,अब आपराधिक केस दर्ज कराने के निर्देश आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित अनियमितता को लेकर औषधि निरीक्षक के माध्यम से आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाए और कार्रवाई की रिपोर्ट खाद्य एवं औषधि प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। यानी मामला अब केवल जांच,नोटिस या विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि कानूनी कार्रवाई की दिशा में भी आगे बढ़ चुका है। हालांकि जारी आदेश में कथित अनियमितता की पूरी प्रकृति और प्रस्तावित आपराधिक धाराओं का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में अब औषधि निरीक्षक की कार्रवाई और दर्ज होने वाले प्रकरण में सामने आने वाले तथ्यों पर निगाह रहेगी। कलेक्टर से लेकर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों तक पहुंची कार्रवाई की जानकारी
नियंत्रक के पत्र की प्रतिलिपि उप मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग,आयुक्त एवं संचालक लोक स्वास्थ्य, कलेक्टर रीवा,संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है। साथ ही राज्य अनुज्ञापन प्राधिकारी एवं नियंत्रण प्राधिकारी को रीवा के औषधि निरीक्षक से समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जानकारी नियंत्रक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। कल्पना मौत मामले में एक और कड़ी जुड़ी, अब ब्लड सेंटर की भूमिका भी जांच के घेरे में कल्पना मिश्रा की मौत के बाद उपचार व्यवस्था, चिकित्सकीय निर्णय और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी घटनाक्रम में अथर्व ब्लड सेंटर से जुड़ी कथित अनियमितता का मामला भी सामने आया था। अब शासन के निर्देश के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इस पर आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।
16 सितंबर के आदेश ने यह साफ कर दिया है कि अथर्व ब्लड सेंटर से जुड़े मामले को महज प्रशासनिक जांच तक सीमित नहीं रखा गया है। अब औषधि निरीक्षक के माध्यम से आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई प्रस्तावित है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होती है।
रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी
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