गुढ़ में भाजपा को बड़ा झटका!नगर परिषद के पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफे का खोला मोर्चा

रेवा : अध्यक्ष अर्चना सिंह पर भ्रष्टाचार और मनमानी के गंभीर आरोप, पांच पार्षदों पर फर्जी केस दर्ज कराने का दावा!वरिष्ठ नेताओं को पहले ही दी थी चेतावनी—अध्यक्ष नहीं हटीं तो छोड़ देंगे भाजपा!नगर परिषद में बढ़ा सियासी संकट, विकास कार्य ठप होने का पार्षदों ने लगाया आरोप!

नगर परिषद गुढ़ में भाजपा के भीतर चल रहा विवाद अब बगावत की स्थिति तक पहुंच गया है। नगर परिषद के कई भाजपा पार्षदों ने जिला भाजपा अध्यक्ष बीरेन्द्र गुप्ता से मिलकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की घोषणा की है। पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह पर भ्रष्टाचार,मनमानी,पार्षदों से अभद्र व्यवहार और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पार्षदों के मुताबिक नगर परिषद गुढ़ में भाजपा के चुनाव चिन्ह पर आठ पार्षद निर्वाचित हुए थे,जबकि दो निर्दलीय पार्षदों का भी समर्थन पार्टी को प्राप्त था। पत्र में दावा किया गया है कि जिला भाजपा नेतृत्व और गुढ़ विधायक के निर्देश पर सभी पार्षदों की सहमति से अर्चना सिंह को नगर परिषद अध्यक्ष चुना गया था। लेकिन अध्यक्ष बनने के कुछ समय बाद ही उनके और भाजपा पार्षदों के बीच विवाद शुरू हो गया।
विरोध किया तो पांच पार्षदों पर केस का आरोप
पार्षदों ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि अध्यक्ष द्वारा नगर परिषद के कामकाज में मनमानी की गई। जब भाजपा पार्षदों ने कथित अनियमितताओं का विरोध किया तो पांच पार्षदों के खिलाफ थाना गुढ़ में कथित रूप से फर्जी प्रकरण दर्ज करा दिए गए।पार्षदों का यह भी आरोप है कि अध्यक्ष द्वारा परिषद की अनुमति के बिना कार्य कराए गए और विरोध करने वाले पार्षदों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज एवं अपमानजनक व्यवहार किया गया।
कांग्रेस में जाने की कोशिश का भी आरोप
भाजपा पार्षदों ने पत्र में दावा किया है कि करीब तीन माह पहले अर्चना सिंह ने कांग्रेस नेताओं से संपर्क कर कांग्रेस में शामिल होने का प्रयास किया था। पार्षदों ने इसे पार्टी विरोधी गतिविधि बताते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को इसकी जानकारी देने की बात कही है।
पत्र में कहा गया है कि अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं को पहले ही शिकायत भेजी गई थी। पार्षदों ने चेतावनी दी थी कि यदि अर्चना सिंह को पद से नहीं हटाया गया तो वे भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे।
‘अध्यक्ष के साथ कोई पार्षद नहीं’
पार्षदों का दावा है कि वर्तमान में नगर परिषद अध्यक्ष के साथ कोई भी पार्षद सहयोग करने को तैयार नहीं है। इसके चलते परिषद में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है और नगर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
पार्षदों ने भाजपा जिला अध्यक्ष से सामूहिक इस्तीफे स्वीकार करने का अनुरोध किया है एवं पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और रीवा संभाग के संगठन प्रभारी को भी भेजे जाने का उल्लेख किया है ।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी

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