पासपोर्ट आवेदन में एक गलती और महीनों की परेशानी! सही जानकारी दी तो 24 घंटे में होगा पुलिस वेरिफिकेशन

रीवा : में रीवा-शहडोल संभाग के 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की हाईलेवल ट्रेनिंग, आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने से लेकर फर्जी दस्तावेजों तक पर नजर!पता, मुकदमा या कोर्ट के फैसले की जानकारी छिपाई तो अटक सकता है पासपोर्ट; पुलिस को फर्जीवाड़ा पकड़ने के दिए गए तरीके! रीवा जिले में पासपोर्ट बनवाने वालों के लिए बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। आवेदन में दी गई जानकारी में छोटी सी गलती भी पासपोर्ट प्रक्रिया को लंबे समय तक अटका सकती है। वहीं, यदि आवेदक ने सही और पूरी जानकारी दी है तो पुलिस वेरिफिकेशन महज 24 घंटे के भीतर पूरा किया जा सकता है। पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करने और फर्जीवाड़े पर शिकंजा कसने के लिए रीवा में पुलिसकर्मियों की विशेष कार्यशाला आयोजित की गई।क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भोपाल, पुलिस मुख्यालय भोपाल और रीवा पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के रीवा कैंपस में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में रीवा और शहडोल संभाग के थानों एवं जिला विशेष शाखा में पासपोर्ट संबंधी कार्य देखने वाले 100 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हुए।

आवेदन में गलती की तो बढ़ेगी परेशानी
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भोपाल के वरिष्ठ अधीक्षक जयपाल सिंह ने पुलिसकर्मियों को बताया कि आवेदन में पता या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भरते समय हुई छोटी सी गलती भी पूरे प्रकरण को लंबित कर सकती है। उन्होंने आवेदकों से अपील की कि फीस जमा करने और अपॉइंटमेंट बुक करने से पहले आवेदन में दर्ज प्रत्येक जानकारी को अच्छी तरह जांच लें।
विशेष रूप से आपराधिक प्रकरण, न्यायालय में लंबित मामले और न्यायालय के फैसले से संबंधित जानकारी छिपाने या गलत दर्ज करने से परेशानी बढ़ सकती है।
अपराध छिपाकर पासपोर्ट बनवाने की कोशिश पर नजर
कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को पासपोर्ट सत्यापन के दौरान संदिग्ध मामलों की पहचान करने का प्रशिक्षण दिया गया। फरार आरोपियों, लंबित आपराधिक मामलों और गलत जानकारी के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने की कोशिश करने वाले लोगों की पहचान को लेकर केस स्टडी के जरिए प्रशिक्षण दिया गया।
सहायक पुलिस महानिरीक्षक रश्मि मिश्रा ने ऑनलाइन माध्यम से पुलिसकर्मियों को बताया कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए किस तरह की जालसाजी कर सकते हैं और पुलिस सत्यापन के दौरान ऐसे मामलों को कैसे पकड़ा जा सकता है।
फर्जी दस्तावेजों से लेकर अवैध विदेशियों तक पर फोकस
एसपी एसटीएफ ग्वालियर सविता रावत ने अवैध बांग्लादेशी नागरिकों एवं अन्य अवैध विदेशियों की नागरिकता और दस्तावेजों की सही पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी। उन्होंने पूर्व में सामने आए ऐसे मामलों का उल्लेख करते हुए पुलिस सत्यापन में हुई त्रुटियों से बचने के लिए जरूरी सावधानियों पर जोर दिया।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस पहलू को देखते हुए पुलिसकर्मियों को दस्तावेजों की बारीकी से जांच और संदिग्ध जानकारी की पुष्टि करने के संबंध में प्रशिक्षित किया गया।
24 घंटे में वेरिफिकेशन, लेकिन जानकारी होनी चाहिए सही
कार्यशाला का सबसे अहम संदेश यही रहा कि आवेदक द्वारा सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने पर पुलिस वेरिफिकेशन 24 घंटे के भीतर किया जा सकता है। इसके लिए पुलिस स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शितांशु चौरसिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिसकर्मियों को पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी तथा निर्धारित समय सीमा में प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिए।
आईजी ने दिया समयबद्ध सत्यापन का संदेश
पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत ने कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए पासपोर्ट सत्यापन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया। कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक डॉ.गुरकरन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी,आरपीओ भोपाल के ओएसडी अमित मिश्रा,वरिष्ठ अधीक्षक जयपाल सिंह और जिला पासपोर्ट सेल प्रभारी निरीक्षक शिवानी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय थाना प्रभारी निरीक्षक हितेन्द्रनाथ शर्मा ने किया। रीवा एवं शहडोल संभाग के पुलिस अधीक्षक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यशाला से जुड़े। अब पासपोर्ट सत्यापन में देरी और फर्जीवाड़े दोनों पर एक साथ शिकंजा कसने की तैयारी है। संदेश साफ है आवेदन में जानकारी सही और पूरी दीजिए, वरना एक छोटी सी गलती पासपोर्ट की पूरी प्रक्रिया को लंबा खींच सकती है।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.