रीवा में शराब दुकानों पर मनमानी का खेल! एक ही बोतल,अलग-अलग दाम आबकारी विभाग की निगरानी कहां?

रीवा : रीवा शहर में शराब दुकानों पर एक ही ब्रांड और समान मात्रा की बोतल अलग-अलग कीमतों पर बेचे जाने की शिकायतों ने शराब बिक्री की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बोतल वही, ब्रांड वही और मात्रा भी वही, लेकिन दुकान बदलते ही कीमत बदलने की बात सामने आ रही है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर शराब बिक्री के मूल्य निर्धारण का नियम क्या है और उसका पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने वाला आबकारी विभाग कहां है?

एक ही बोतल के अलग-अलग दाम,आखिर किसकी मनमानी?
यदि एक ही उत्पाद की कीमत अलग-अलग दुकानों पर अलग मिल रही है,तो इसके पीछे की वास्तविक वजह सामने आनी चाहिए। क्या संबंधित दुकानों पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) का पालन हो रहा है? क्या कहीं उपभोक्ताओं से निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूली जा रही है? या फिर कीमतों में अंतर के पीछे कोई वैध कारण है?
इन सवालों का जवाब दुकानदारों की मनमर्जी से नहीं,बल्कि आबकारी विभाग की जांच से सामने आना चाहिए। आखिर उपभोक्ता एक ही ब्रांड की बोतल खरीदने के लिए अलग-अलग दुकानों पर अलग कीमत क्यों चुकाए?
सस्ती शराब के पीछे क्या है राज? गुणवत्ता की जांच जरूरी
मामले का दूसरा पहलू भी कम गंभीर नहीं है। यदि किसी दुकान पर समान ब्रांड की बोतल अन्य दुकानों की तुलना में कम कीमत पर मिल रही है, तो इसकी वजह स्पष्ट होनी चाहिए। हालांकि, केवल कम कीमत के आधार पर शराब में मिलावट या उसकी गुणवत्ता खराब होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, लेकिन उत्पाद की प्रामाणिकता, आपूर्ति के स्रोत और भंडारण व्यवस्था की जांच कराना जरूरी है।
क्या आबकारी विभाग सभी संबंधित दुकानों के स्टॉक, खरीद रिकॉर्ड और उपलब्ध उत्पादों का मिलान कराएगा? क्या जरूरत पड़ने पर शराब के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी? या फिर उपभोक्ताओं को इसी तरह असमंजस में छोड़ दिया जाएगा?
आबकारी विभाग की निगरानी पर सवाल
शराब दुकानों के संचालन और निर्धारित नियमों के पालन की निगरानी आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद यदि एक ही उत्पाद की कीमतों में अंतर की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो विभाग को तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सवाल यह भी है कि क्या शहर की सभी शराब दुकानों की नियमित जांच हो रही है? क्या बिक्री मूल्य और बोतलों पर अंकित एमआरपी का मिलान किया जाता है? यदि निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की पुष्टि होती है, तो अब तक कितनी दुकानों पर कार्रवाई की गई है?
कलेक्टर और आबकारी अधिकारियों से सीधे सवाल
- क्या रीवा शहर की सभी शराब दुकानों की कीमतों की जांच कराई जाएगी?
- क्या एक ही ब्रांड और समान मात्रा की बोतलों के बिक्री मूल्य का मिलान होगा?
- क्या निर्धारित एमआरपी से अधिक वसूली की शिकायतों की जांच की जाएगी?
- क्या शराब के स्रोत, स्टॉक और गुणवत्ता की पुष्टि के लिए आवश्यक जांच होगी?
- अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित दुकानदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
जांच होगी या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा?
शराब की बिक्री से राजस्व अर्जित करने वाले विभाग की जिम्मेदारी केवल दुकानों के संचालन तक सीमित नहीं है। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और आबकारी विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराते हैं या फिर अलग-अलग कीमतों का यह सवाल अनुत्तरित ही रह जाता है।
बड़ा सवाल एक ही ब्रांड, एक ही मात्रा और अलग-अलग कीमतें—क्या है इसके पीछे की वास्तविक वजह? निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली हो रही है तो कार्रवाई कौन करेगा, और कीमतों में अंतर का वैध कारण है तो विभाग उसे सार्वजनिक क्यों नहीं करता? रीवा के उपभोक्ताओं को इन सवालों के जवाब मिलने चाहिए।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

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