उजियारपुर के सरकारी विद्यालयों में सफाईकर्मियों का दो वर्षों से मानदेय लंबित, आर्थिक संकट गहराया
समस्तीपुर : उजियारपुर प्रखंड के अधिकांश सरकारी विद्यालयों में निजी एनजीओ के माध्यम से कार्यरत सफाईकर्मियों को पिछले दो वर्षों से मानदेय नहीं मिलने का मामला सामने आया है। इससे सफाईकर्मियों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। उनका कहना है कि नियमित रूप से विद्यालयों में सफाई का कार्य करने के बावजूद उन्हें मेहनताना नहीं मिल रहा है।
प्राथमिक विद्यालय मालपुर के सफाईकर्मी हरे राम पंडित तथा प्राथमिक विद्यालय चैता के सफाईकर्मी अमित कुमार सहित कई कर्मियों ने बताया कि उन्हें विद्यालयों की नियमित साफ-सफाई के लिए नियुक्त किया गया था। वे प्रतिदिन समय पर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, लेकिन पिछले दो वर्षों से संबंधित एनजीओ द्वारा मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। बार-बार मांग करने के बावजूद केवल आश्वासन मिलता है।
वहीं, कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि संबंधित एनजीओ प्रत्येक माह सफाईकर्मियों की उपस्थिति (अटेंडेंस) लेता है, लेकिन उनके खातों में मानदेय नहीं भेजता। इससे सफाईकर्मियों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।
सफाईकर्मियों का कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उनके परिवार के समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। कई बार एनजीओ के जिम्मेदार अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन न तो फोन रिसीव किया जाता है और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया जाता है। उनका आरोप है कि कार्यभार संभालने के बाद से एनजीओ मनमाने ढंग से काम कर रहा है।
सफाईकर्मियों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्टर : डॉ प्रवीण प्रकाश
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