शिक्षक सम्मान पर प्रहार नहीं, सुरक्षा चाहिए – डॉ. रश्मि सिंह
सतना - मध्यप्रदेश में शिक्षकों पर थोपे जा रहे शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आदेश को लेकर डॉ रश्मि सिंह ने कहा कि हजारों शिक्षकों में असुरक्षा, भय और आक्रोश का माहौल बना है। वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को अचानक इस तरह की अनिश्चितता में डालना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूँ कि जो शिक्षक वर्षों से अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं, जिन्होंने अपने परिश्रम से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है, उनके अनुभव और सेवा को नजरअंदाज करना न केवल अनुचित है बल्कि शिक्षा व्यवस्था के साथ भी अन्याय है। सतना जिला पंचायत उपाध्यक्ष के अपने कार्यकाल में मैंने हमेशा शिक्षकों के हितों, उनकी समस्याओं के समाधान और उनके सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा मेरे सार्वजनिक जीवन की प्रतिबद्धता रही है और आगे भी रहेगी। कांग्रेस पार्टी सदैव शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों के साथ खड़ी रही है। हम मानते हैं कि शिक्षकों को डर और दबाव में नहीं, सम्मान और विश्वास के साथ कार्य करने का वातावरण मिलना चाहिए सेवा अवधि का सम्मान करते हुए ऐसे आदेशों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।शिक्षकों के भविष्य और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। भाजपा सरकार को यह समझना होगा कि शिक्षक केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि समाज और राष्टके भविष्य के निर्माता हैं। उनके साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। डॉ रश्मि सिंह ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और शिक्षकों के हित में ठोस एवं संवेदनशील निर्णय लिया जाए। कांग्रेस पार्टी शिक्षकों के साथ थी, है और हमेशा रहेगी।
रिपोर्टर - शिवम् गुप्ता


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