108 एंबुलेंस सेवा की जमीनी हकीकत परखने सड़क पर उतरे सीएमएचओ, स्टाफ से पूछताछ कर मरीज के परिजन से लिया फीडबैक
सतना : जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने मैहर से सतना लौटते समय उचेहरा-सतना मार्ग पर गोबराव बायपास के पास बीएलएस 108 एंबुलेंस का औचक निरीक्षण किया। रास्ते में एंबुलेंस को रुकवाकर उन्होंने चालक एवं ईएमटी से मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और एंबुलेंस संचालन की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि मरीजों को बिना अनावश्यक देरी के सुरक्षित रूप से निर्धारित गंतव्य तक पहुंचाया जाए। उन्होंने एंबुलेंस स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए कि 108 सेवा पूरी तरह आपातकालीन मरीजों की सहायता के लिए है और इसके लिए मरीज अथवा उनके परिजनों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।
डॉ. शुक्ला ने केवल एंबुलेंस स्टाफ से जानकारी लेने तक ही निरीक्षण सीमित नहीं रखा, बल्कि एंबुलेंस में मौजूद मरीज के परिजन से सीधे बातचीत कर सेवा की स्थिति और स्टाफ के व्यवहार के संबंध में फीडबैक भी लिया। इससे मौके पर उपलब्ध कराई जा रही सेवा की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया गया।
निरीक्षण से सामने आया अहम संदेश
औचक निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने एंबुलेंस सेवा में समयबद्धता, *मरीजों की सुरक्षा, नि:शुल्क सेवा और संवेदनशील व्यवहार को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने स्टाफ को निर्देशित किया कि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके परिजनों के साथ भी सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए।
सीएमएचओ डॉ. शुक्ला ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक लाभ मरीजों तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से मैदानी स्तर पर सेवाओं की निगरानी और औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा।
इस तरह अचानक किए गए निरीक्षण से 108 एंबुलेंस सेवा में जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ मरीजों को समय पर और नि:शुल्क आपातकालीन परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने का स्पष्ट संदेश गया।
संवाददाता : शिवम गुप्ता सतना
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