भिंडी तुराई यंत्र किसानों को उपयोगी उपकरण
शिवहर - कृषि विज्ञान केंद्र,शिवहर में कृषि अभियांत्रिकी विषय के अंतर्गत भिंडी तुड़ाई यंत्र का अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सौरभ शंकर पटेल, विषय वस्तु विशेषज्ञ, कृषि अभियांत्रिकी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भिंडी की तुड़ाई में मजदूरी लागत अधिक आती है तथा लगातार तुड़ाई करने से श्रमिकों के हाथों में खुजली एवं जलन की समस्या होती है। भिंडी तुड़ाई यंत्र किसानों के लिए श्रम, समय एवं लागत की बचत करने वाला उपयोगी उपकरण है। उन्होंने बताया कि यह यंत्र किसानों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक तरीके से भिंडी की तुड़ाई करने में मदद करेगा तथा महिला किसानों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम में डॉ.अनुराधा रंजन कुमारी, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान ने कहा कि भिंडी बिहार की प्रमुख सब्जी फसतों में से एक है तथा इसकी नियमित तुड़ाई आवश्यक होती है। ऐसे में आधुनिक कृषि यंत्र किसानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन एवं आय में वृद्धि करने में सहायक होंगे। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से भिंडी की खेती, समय पर तुड़ाई तथा फसल प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कृषि अभियंत्रण वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया है तथा कृषि कार्यों के यंत्रीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
साथ ही साथ उर्वरक के संतुलित उपयोग के बारे में भी किसानों को बताया गया। इससे से मिट्टी की सेहत बनी रहती है, फसलों की वृद्धि अच्छी होती है तथा उत्पादन एवं गुणवत्ता में वृद्धि होती है। इसके लिए किसानों को मृदा जांच के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए। जैविक खाद, गोबर की खाद, हरी खाद एवं रासायनिक उर्वरकों का समन्वित उपयोग करना लाभकारी होता है। इस अवसर पर भिंडी तुड़ाई यंत्र का वितरण 20 प्रगतिशील किसानों के बीच किया गया। कार्यक्रम में बिसम्भरपुर,कोठिया,मिनापुर बलहा,दोस्तिया आदि गांवों के किसान उपस्थित थे।
रिपोर्टर - संजय गुप्ता


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