बकरीद पर्व 27 मई को, कुर्बानी को लेकर बकरे की मांग बढ़ी
शिवहर - इस साल बकरीद पूर्व 27 मई से 29 मई को मनाई जाएगी।बकरीद (ईद-उल-अजहा) मुख्य रूप से त्याग, समर्पण और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। यह पर्व पैगंबर हजरत इब्राहिम द्वारा दी गई महान कुर्बानी की याद में मनाया जाता है, जिन्हें अल्लाह के हुक्म पर अपने ही बेटे की बलि देने की परीक्षा से गुजरना पड़ा था। नगर परिषद शिवहर अली नगर निवासी मोहम्मद अल्ताफ ने बताया है कि बकरीद (ईद-उल-अजहा) के पर्व पर कुर्बानी या फार्मिंग के लिए बकरे की खरीदारी करते समय नस्ल,वजन,स्वास्थ्य और बकरे की उम्र (कम से कम एक साल का होना) का विशेष ध्यान रखा जाता है। बकरा पूरी तरह से स्वस्थ,फुर्तीला और सक्रिय होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिकांश लोग अपने घर में ही कुर्बानी के लिए बकरे को पालते हैं। शहर के ही पूर्व वार्ड पार्षद मोहम्मद नसीम ने बताया है कि कुर्बानी के लिए बकरे की उम्र कम से कम एक साल पूरी होनी चाहिए,जो कि उसके आगे के दो दांत देखकर (दो-दांते) तय की जाती है। कुर्बानी के बकरों की कीमत मुख्य रूप से उनके वजन,नस्ल और खूबसूरती (जैसे चांद-तारे के निशान) पर निर्भर करती है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, कुर्बानी (बलि) के लिए चुने जाने वाले बकरे में कुछ विशेष शारीरिक और स्वास्थ्य संबंधी विशेषताएं (शर्तें) होनी अनिवार्य हैं। बकरा पूरी तरह स्वस्थ, दोष-मुक्त और निर्धारित उम्र का होना चाहिए।
रिपोर्टर - संजय गुप्ता


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