पढ़े लिखे नौजवान आज भी भटक रहे हैं ----पूर्व विधानसभा प्रत्याशी नवनीत कुमार झा
शिवहर : पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता नवनीत कुमार झा ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में कई समस्याएं ऐसी है जो अब तक नहीं सुलझ सकी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सबसे पहले हम बात करते हैं रोजगार की, पढ़े-लिखे नौजवान आज भी भटक रहे हैं ।डिग्री उनके हाथों में है लेकिन नौकरी नहीं है।
युवा नेता नवनीत ने स्पष्ट किया है कि अगर प्रतियोगी परीक्षा होती भी है तो उसके प्रश्न पत्र लीक हो जा रहे हैं ।इसी तरह महंगाई भी बदस्तूर आम लोगों की परीक्षा ले रही है ।रुपए पर दबाव बना हुआ है और आयात महंगा है ।नतीजतन घर-घर का बजट बिगड़ गया है और थाली लगातार महंगी होती जा रही है।
राष्ट्रीय जनता दल के नेता नवनीत ने बताया है कि आम आदमी की जेब तो हल्की हुई है उनकी चिंताएं नहीं। शिक्षा और स्वास्थ्य का भी कोमोवेश यही हाल है ।सरकारी स्कूल और अस्पताल में निस्संदेह मौजूद है, लेकिन क्या हम सरकारी और निजी स्कूलों की विद्यार्थियों को सम्मान माहौल मुहैया करा पाते हैं? सरकारी स्कूलों की तो ऐसी दशा है कि अब गरीब से गरीब आदमी भी उनमें अपने बच्चों को नहीं पढाना चाहता है ,इसी तरह सरकारी अस्पतालों में भी लोग मजबूरीवश जाते हैं ।कहने का मतलब है कि लोकतंत्र की असली परीक्षा अभी बाकी है।
शिवहर विधानसभा के विपक्ष के नेता नवनीत कुमार झा ने कहा है कि मोदी सरकार की उपलब्धियां पर जश्न मानना चाहिए, लेकिन उन समस्याओं पर भी चर्चा होनी चाहिए जिससे हम लोग लगातार जूझ रहे हैं। एक बात और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू देश को जो देकर गए हैं उसकी बराबरी करना आसान नहीं। अलबत्ता हर प्रधानमंत्री का अपना खास योगदान रहा है और किसी का योगदान दूसरे से कमतर नहीं। नेहरू जी की बात करें तो उन्होंने बड़े-बड़े संस्थान तब बनाए थे जब देश गुलामी से बस आजाद ही हुआ था। उनके सामने तमाम तरह की चुनौतियां थी। उस समय आर्थिक रूप से देश बहुत कमजोर था ।गरीबी और बेबशी चारों तरफ फैली हुई थी ।भारत उस वक्त अपने पांव पर खड़े होने की कोशिश कर ही रहा था तब नेहरू ने देश की कायांतरण कर दिया ।
राजद युवा नेता नवनीत ने बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सहूलियत जब मिली कि जब उन्होंने देश की कमान संभाली तब भारत अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने को तैयार था।
रिपोर्टर : संजय गुप्ता
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