पॉक्सो एक्ट की बारीकियां समझे बच्चे,गुड टच-बैड टच पर हुई खुलकर चर्चा
शिवहर : शिवहर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, शिवहर ने "जागृति स्कीम 2025 - सुरक्षित बचपन सुरक्षित भविष्य" के तहत भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय कुशहर में बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए एक विशेष जागरूकता शिविर लगाया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष दीपक कुमार के मार्गदर्शन और जिला अपर मुख्य न्यायाधीश सह सचिव ललन कुमार रजक के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और पॉक्सो एक्ट 2012 के प्रति सजग करना था।अधिकार मित्र मोहन कुमार ने बच्चों से बेहद सरल शब्दों में संवाद करते हुए पॉक्सो एक्ट को समझाया। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के हर बच्चे को इस कानून के तहत यौन उत्पीड़न से पूरी सुरक्षा मिलती है। गुड टच और बैड टच का फर्क बताते हुए उन्होंने बच्चों को साफ संदेश दिया कि असहज महसूस कराने वाला व्यक्ति चाहे कितना भी परिचित क्यों न हो, उसकी बात छुपानी नहीं है। माता पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद बड़े को तुरंत बताना जरूरी है।
मोहन कुमार ने खास तौर पर सोशल मीडिया को लेकर चेताया और कहा कि अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करना खतरे से खाली नहीं है।पैनल अधिवक्ता नंदनी कुमारी ने कानूनी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नंदनी कुमारी के अनुसार ऐसे संवाद से बच्चों में हिम्मत आती है और वे गलत के खिलाफ बोलना सीखते हैं। उन्होंने शिक्षकों व अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की बातों को गंभीरता से सुनें। यदि बच्चे के स्वभाव में अचानक चिड़चिड़ापन, डर या चुप्पी दिखे तो उसे हल्के में न लें। इस मौके पर प्रधानाध्यापक गणेश प्रसाद यादव, शिक्षक मुमताज अहमद, कुंज बिहारी पांडे और पीएलवी विपिन कुमार भी उपस्थित थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार का कहना है कि बच्चों तक कानून की जानकारी पहुंचाना ही अपराध रोकने की पहली सीढ़ी है, और ऐसे कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।
रिपोर्टर : संजय गुप्ता


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