जैविक खेती का प्रशिक्षण कार्यशाला
शिवहर : आज अर्थ गंगा के तहत NMCG द्वारा गंगा बेसिन के किसानों में जागरूकता और प्रशिक्षण हेतु शून्य बजट प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जैविक प्राकृतिक खेती विषयक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ प्रीति कुमारी, जिला कृषि पदाधिकारी, शिवहर एवं डॉ अनुराधा रंजन कुमारी, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृ०वि० के०, शिवहर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
वर्णित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, नमामि गंगे, शिवहर, डॉ संचिता घोष, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, शिवहर, श्री अनिल कुमार, सहायक निदेशक शष्य, बीज उत्पादन-सह-विपणन पदाधिकारी, शिवहर, श्री अरूण कुमार, सहायक कृषि पदाधिकारी (वनस्पति), शिवहर, सोनु कुमार, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, जैविक, जिला कृषि कार्यालय, शिवहर, नवीन कुमार, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, रसायन, मिट्टी जाँच प्रयोगशाला, शिवहर के अलावे प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक तथा 100 से अधिक संख्या में कृषि सखी / प्रगतिशील कृषक द्वारा भाग लिया गया।
प्रीति कुमारी, जिला कृषि पदाधिकारी, शिवहर द्वारा शून्य बजट प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि सखी / प्रगतिशील कृषक को जागरूक करते हुए शून्य बजट प्राकृतिक खेती से लागत को कम कैसे करे साथ ही आय को कैसे बढ़ाये, इसके संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केन्द्र, शिवहर के वैज्ञानिकों द्वारा प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती में क्या अंतर होती है, इसके संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई साथ ही प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले जैव इनपुट को बनाने की विधि, उपयोग, लाम तथा वर्तमान में हो रहे रसायनिक खेती से नुकसान के संबंध में भी बताया गया। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, नमामि गंगे, शिवहर द्वारा प्राकृतिक खेती क्यों अपनाया जाए, के संबंध में जानकारी दिया गया साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि अत्यधिक रासायनों के प्रयोग से खेती ही नहीं नदियों भी प्रदूषित हो रही है। नदियों को स्वच्छ रखने हेतु प्राकृतिक खेती अपनाने का आव्हान किया गया।
रिपोर्टर : संजय गुप्ता

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