अमानक एवं नकली खाद बेचने वाली फर्म पर एफआईआर दर्ज, गोदाम सील

टीकमगढ़ : जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने तथा किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अमानक एवं नकली उर्वरक की बिक्री के मामले में मेसर्स अनिल एण्ड संस, हवेली रोड, टीकमगढ़ के प्रोपराइटर कृष्णा भामड़ी के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। कार्रवाई के दौरान संबंधित फर्म का गोदाम सील करते हुए बिना लॉट नंबर की डीएपी की कुल 5 बोरियां जब्त की गईं।

किसान की शिकायत पर जांच, गोदाम से खाद जब्त कर किया सील

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम अस्तोन, तहसील टीकमगढ़ निवासी कृषक अजय साहू एवं उनके भाई अभय साहू ने 29 सितंबर 2026 को उक्त फर्म से डीएपी एवं यूरिया खरीदा था। डीएपी की बोरी की पैकिंग पर लॉट नंबर अंकित नहीं होने के कारण उन्हें खाद के नकली होने का संदेह हुआ। इस संबंध में उन्होंने कृषि विभाग को सूचना दी।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने उपसंचालक कृषि विभाग श्री मनोज कश्यप को कार्यवाही के निर्देश दिए। उपसंचालक कृषि श्री मनोज कश्यप के मार्गदर्शन में सहायक संचालक कृषि श्री रवि अमलियार एवं उर्वरक निरीक्षक तथा प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री कैलाश प्रसाद अहिरवार के जांच दल ने संबंधित प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान गोदाम में बिना लॉट नंबर की डीएपी की 4 बोरियां पाई गईं। कृषक द्वारा लौटाई गई 1 बोरी को मिलाकर कुल 5 बोरियां जब्त की गईं तथा संबंधित गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

प्रयोगशाला जांच में निर्धारित मानक से काफी कम मिले पोषक तत्व

जब्त डीएपी का नमूना परीक्षण के लिए उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला, ग्वालियर भेजा गया था। 14 अक्टूबर 2026 को प्राप्त परीक्षण रिपोर्ट में उर्वरक में पोषक तत्वों की मात्रा निर्धारित मानकों से काफी कम पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार, डीएपी में नाइट्रोजन की मात्रा निर्धारित मानक 18 प्रतिशत के विरुद्ध मात्र 1.75 प्रतिशत तथा फास्फोरस की मात्रा निर्धारित मानक 46 प्रतिशत के विरुद्ध मात्र 3.20 प्रतिशत पाई गई।

प्रयोगशाला परीक्षण में पोषक तत्वों की मात्रा में भारी अंतर पाए जाने तथा बोरियों पर लॉट नंबर अंकित नहीं होने के आधार पर उर्वरक को अमानक एवं नकली पाए जाने के संबंध में कार्रवाई की गई। उर्वरक नियमों के उल्लंघन के मामले में कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय के निर्देशन में संबंधित फर्म के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।

किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। अमानक एवं नकली खाद की बिक्री, कालाबाजारी और किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों को जिले में उर्वरक विक्रय केंद्रों एवं गोदामों का नियमित निरीक्षण करने तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्टर : राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव 

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