मुख्यमंत्री कन्या विवाह / निकाह रहा जीरो वेस्ट इवेंट
उज्जैन - मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि अक्षय तृतीया के पवित्र दिवस पर बाबा श्री महाकाल और मां हरसिद्धी की कृपा से 112 जोड़े विवाह के बंधन में मुख्यमंत्री कन्या /निकाह योजना अंतर्गत बंध रहे हैं। नव दंपत्ति जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं, यह केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेम और जिम्मेदारी का संकल्प है। वैवाहिक संस्कार एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि अक्षय मूल्यों और अक्षय संस्कारों की स्थापना हैं।विवाह संस्कार दो परिवार को जोड़ने का प्रसंग होता है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने यह उद्बोधन नगर निगम द्वारा कार्तिक मेला मैदान पर आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह निकाह कार्यक्रम में दिया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि उज्जैन की पावन धरा पर धर्म का सबसे अनूठा संगम हो रहा है। एक ओर हम अपनी बेटियों का कन्यादान कर रहे हैं वही दूसरी ओर सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्यों की आधारशिला रख रहे हैं।सामूहिक विवाह समाज में परिवर्तन का माध्यम बन रहे हैं, इन आयोजनों से समाज में समरसता और अपनत्व की भावना भी बढ रही है।उन्होंने कहा कि विवाह संस्कार जितना सरल, संस्कारित और सामाजिक सहयोग से होगा, उतना ही समाज संतुलित और मजबूत बनेगा। सामूहिक विवाह इसी सोच का सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा भी बेटे का विवाह 4 माह पूर्व सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया गया था।
"मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना" अंतर्गत 13 दिसंबर 2023 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कुल 1 लाख 57 हजार 769 हितग्राहियों के विवाह एवं निकाह में लगभग 867 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बेटियों के हाथ पीले करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना वरदान बन गई है। "मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना" के अंतर्गत 13 दिसंबर 2023 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कुल 1 लाख 57 हजार 769 हितग्राहियों का विवाह एवं निकाह संपन्न कराया गया है, और लगभग 867 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उज्जैन में "मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में कुल 641 जोड़ों का विवाह एवं निकाह संपन्न कराया गया है, जिसमें 3 करोड़ 52 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि सरकार द्वारा प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अक्षय तृतीया के पर्व पर जिले को लगभग 58 करोड़ रुपए राशि के विकास कार्यों की सौगात दी मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को श्रद्धालुओं का अनुभव आध्यात्मिक और सुविधापूर्वक बनाने के लिए लगभग 21 करोड़ रुपए से हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग का चौड़ीकरण , 13.30 करोड़ रुपए की लागत से श्री महाकाल लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शेड निर्माण का कार्य,4.55 करोड़ रुपए से नीलगंगा सरोवर का पुनर्जीवन का कार्य,1.11 करोड़ रुपए से सोलह सागर के पुनर्जीवन का कार्य,1.59 करोड़ रुपए की लागत से कालिदास उद्यान को आधुनिक रूप से विकसित करने का कार्य,7.73 करोड रुपए से विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर सभागार के संरक्षण और बांगड भवन को मुद्रा संग्राहलय के रुप में विकसित करने का कार्य,8.55 करोड़ रुपए की लागत से विक्रम कीर्ति संग्रहालय को एक आधुनिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप प्रदान करने के कार्यों का भूमिपूजन अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सिंहस्थ के लिए मुरलीपुरा के पीछे सदावल में नवीन हेलीपैड का निर्माण हो रहा है।साथ ही उज्जैन में नवीन एयरपोर्ट का निर्माण भी हो रहा है। यह सब कार्य सिंहस्थ 2028 में आने वाले 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करेंगे। साथ ही प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में सहायता प्रदान करने के साथ श्रद्धालुओं का सिंहस्थ अनुभव आध्यात्मिक और सुखद बनाएंगे। यह सभी अधोसंरचना विकास के कार्य और आधुनिक सुविधाएं प्रदेश और उज्जैन के विकास को नवीन दिशा प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा अंतर्गत भोपाल से राजा राम की नगरी ओरछा और चंदेरी के लिए नवीन हेलीकॉप्टर सेवा आज से शुरू की गई है । पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा वर्तमान में आध्यात्मिक सेक्टर इंदौर उज्जैन और ओंकारेश्वर के साथ वाइल्ड लाइफ सेक्टर जबलपुर,कान्हा,बांधवगढ़,चित्रकूट और मैहर के बीच सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। सिंहस्थ 2028 दृष्टिगत उज्जैन को लगभग 58 करोड़ रुपए राशि के विकास कार्यों की सौगात हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग चौड़ीकरण कार्य नगर निगम द्वारा 265 मीटर लंबाई के हरसिद्धि की पाल से रामघाट मार्ग को 15 मीटर चौड़ा लागत राशि 21.08 करोड़ रूपये से किया जाएगा। हरसिद्धि पाल से रामघाट तक मार्ग के चौडीकरण से रामघाट पर वर्ष पर्यन्त विभिन्न तिथियो पर स्नान करने आने वाले सभी श्रद्धालुओं को आवागमन में सुगमता होगी एवं श्री महाकालेश्वर की सवारी मार्ग का भी यह प्रमुख हिस्सा है,सवारी में आने वाले श्रद्धालुओं को सवारी के दर्शन एवं पूजन में सुगमता होगी। यह मार्ग सिंहस्थ 2028 दृष्टि से अत्यंत आवश्यक मार्ग है। मार्ग का उपयोग अखाड़ा एवं साधु संतों द्वारा राजसी स्नान एवं पर्व स्नान पर किया जाता है।
नीलगंगा सरोवर पुनर्जीवन एवं सौंदयीकरण अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT 2.0) अंतर्गत लागत ₹4.55 करोड़ से नीलगंगा सरोवर का वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन कर सरोवर की जल धारण क्षमता में वृद्धि, जल गुणवत्ता में सुधार तथा दीर्घकालिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, साथ ही सरोवर को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं नागरिक अनुकूल सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सोलह सागर (पुरुषोत्तम सागर) पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य
अटल मिशन फॉर रीजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रासफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT 2.0) अंतर्गत लागत ₹1.11 करोड़ से सोलह सागर का संरक्षण, पुनर्जीवन एवं उन्नयन कर जल गुणवत्ता में सुधार, पारिस्थितिक संतुलन की स्थापना तथा नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना। कालिदास उद्यान विकास कार्य कालिदास उद्यान उज्जैन शहर के क्षिप्रा नदी किनारे स्थित शहर का सबसे बडा प्राकृतिक एवं प्राचीन उद्यान है। राशि रु 1.59 करोड़ की लागत से कालिदास उद्यान को आधुनिक रूप से विकसित किया जाएगा। उद्यान के उन्नयन कार्य अंतर्गत बाउण्ड्रीवॉल निर्माण, पाथवे निर्माण, खेलकूद एवं जिम उपकरण स्थापना, फूड प्लॉजा, वैज्ञानिक उपकरण, नवीन फाउंटेन, वृक्षारोपण, गार्ड रूम इत्यादि विकास कार्य किए जायेंगे।कालिदास उद्यान के विकास कार्य से क्षिप्रा तट पर प्रतिवर्ष लगने वाले कार्तिक मेले में आने वाले नागरिक तथा सिंहस्थ 2028 में आने वाले श्रृद्धालुओं व शहरी आमजन को लाभ प्राप्त होगा। विक्रम कीर्ति संग्रहालय की आंतरिक साज-सज्जा एवं प्रदर्शनी डिस्प्ले का कार्य
रू 8.55 करोड़ की लागत से विक्रम कीर्ति संग्रहालय को एक आधुनिक आकर्षक एवं सुव्यवस्थित रूप प्रदान किया जाएगा। उक्त कार्य के अंतर्गत पांडुलिपियों एवं ऐतिहासिक मूर्तियों (कलाकृतियों) का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण तथा संग्रहालय के लिए, आधुनिक प्रदर्शनी डिस्प्ले एवं इंटीरियर विकास कार्य किया जाएगा। यह परियोजना सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रभावी प्रदर्शन पर केंद्रित है। श्री महाकाल महालोक में पैदल यात्री मार्ग पर शेड स्ट्रक्चर लगाने का कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री महाकाल महालोक में पैदल यात्री मार्ग पर 2500 मीटर लंबे शेड स्ट्रक्चर लगाने का कार्य राशि रू. 13.30 करोड़ की लागत से किया जाएगा।शेड स्ट्रक्चर श्री महाकाल महालोक आने वाले श्रद्धालु को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों जैसे धूप, बारिश आदि से सुरक्षा प्रदान कर श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्रा को अधिक सहज, सुरक्षित एवं आरामदायक बनाएगा।
विक्रम कीर्ति मंदिर सभागार और बांगड भवन का जीर्णोद्धार लागत राशि रू 7.73 करोड से विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर सभागार के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित कर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा,साथ ही, बांगड भवन को मुद्रा संग्राहलय के रुप में विकसित किया जाएगा। म्यूजियम में ऐतिहासिक सिक्कों के प्रदर्शन के लिए आधुनिक डिस्प्ले गैलरी, शोकेस एवं थीमेटिक डिजाइन विकसित किए जाएंगे। इसके माध्यम से ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण एवं जनसामान्य को जानकारी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन कर की। मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा नवदम्पतियों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह योजना अंतर्गत 49 हजार रुपये की राशि का चेक प्रदान किया गया।साथ ही मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नवदम्पतियों को ओवन,वाटर फिल्टर,सीलिंग फैन,कुकर, गड़ी आदि घर गृहस्थी का सामान भी भेंट में दिया। 112 नवदंपत्तियों का नगर निगम द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह समारोह जीरो वेस्ट इवेंट के रूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण महापौर श्री मुकेश टटवाल ने दिया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज,विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा,विधायक श्री सतीश मालवीय,महापौर श्री टटवाल,पार्षदगण,श्री संजय अग्रवाल,श्री ओम जैन,नवदम्पतियों के परिजन और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रिपोर्टर - यशपाल दीक्षित

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