UP Budget Session 2026 Live:योगी सरकार का बजट- देश का 65% मोबाइल फोन प्रोडक्शन यूपी में

 टेक्नोलॉजी और एआई मिशन

  • राज्य में AI मिशन, स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित होंगे.

  • नई टेक्नोलॉजी मिशन और टेक युवा-समर्थ युवा योजना लाई जाएगी.

  • GSDP 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये, 13.4% वृद्धि.

  • प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये.

  • 2025-26 में 1,20,000 रुपये होने का अनुमान.

  • 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर लाने और बेरोजगारी दर 2.24% होने का दावा.

 

कृषि और किसान, महिला, युवा और श्रमिक

  • अब तक 3,04,321 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान.

  • 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी.

  • 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 42.96 लाख मीट्रिक टन धान और 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा की खरीद.

  • PM किसान के तहत 3.12 करोड़ किसानों को 94,668 करोड़ रुपये DBT से ट्रांसफर.

  • BC सखी योजना के तहत 39,000 करोड़ से अधिक लेन-देन.

  • 26.81 लाख बालिकाएं मुख्यमंत्री सुमंगला योजना से लाभान्वित.

  •  90,000 मंगल दलों को खेल सामग्री.

  • 49.86 लाख टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित.

  • मनरेगा में 20.19 करोड़ मानव दिवस सृजित.

औद्योगिक विकास, निवेश, MSME और रोजगार

  • अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का बजट है.

  • औद्योगिक क्षेत्र विस्तार योजना के लिए 5,000 करोड़.

  • अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 2,000 करोड़.

  • FDI प्रोत्साहन नीति के लिए 1,000 करोड़.

  • डिफेंस कॉरिडोर में 35,280 करोड़ निवेश और 53,263 रोजगार की संभावना.

  •  MSME सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ रुपये.

  • 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार देने वाला यह सेक्टर देश में अग्रणी बताया गया.

  • मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1 लाख सूक्ष्म उद्यम हर साल स्थापित करने का लक्ष्य.

 

 

मेडिकल शिक्षा को बड़ा फंड

सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। प्रदेश में वर्तमान में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें से 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं। कुल 60 जिलों में मेडिकल कॉलेज हैं, जबकि 16 जिलों में PPP मॉडल के माध्यम से नए कॉलेज खोले जाएंगे।

एमबीबीएस सीटों की संख्या 2017 की 4,540 से बढ़कर 12,800 हो गई है, और पीजी सीटें 1,221 से बढ़कर 4,995 हो गई हैं। 14 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1,023 करोड़, लखनऊ कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ और असाध्य रोगों के मुफ्त इलाज के लिए 130 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए इस वर्ष 37,956 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। योजनाओं में जननी शिशु सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, पल्स पोलियो अभियान (3.28 करोड़ बच्चों को खुराक) और 42 जिलों में JE टीकाकरण शामिल हैं।

आयुष्मान योजना के तहत अब तक 49.22 लाख परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 8,641 करोड़ रुपये, और आयुष सेवाओं के लिए 2,867 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश में कुल 2,111 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी, और 1,585 होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हैं। इसके अलावा, 8 आयुर्वेदिक, 2 यूनानी, और 9 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं।

वित्त मंत्री ने रखे आंकड़े

सरकार ने राजकोषीय घाटे की सीमा 3% तय की है, जो वित्तीय वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-17 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात 29.3% था, जिसे 2019-20 में घटाकर 27.9% किया गया।

कोविड-19 महामारी के कारण यह अनुपात 2021-22 में बढ़कर 33.4% हो गया था, लेकिन अब इसे 27% से नीचे लाया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे 23.1% तक लाने और भविष्य में 20% से कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

पुलिस और अग्निशमन विभाग को बजट में मजबूती

सरकार ने पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,374 करोड़ रुपये और आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,243 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। नवसृजित जनपदों में पुलिस के आवासीय और अनावासीय भवनों के लिए 346 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

अग्निशमन केंद्रों के आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। इसके अलावा, बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नए केंद्रों को पूरी तरह क्रियाशील बनाने के लिए 190 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।मिशन शक्ति के तहत महिला बीट कर्मियों के क्षेत्र भ्रमण के लिए वाहनों की खरीद हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

किस सेक्टर को कितना प्रावधान?

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पिछले वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है। कुल बजट में पूंजीगत व्यय का हिस्सा 19.5 प्रतिशत रखा गया है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए 12.4 प्रतिशत, स्वास्थ्य के लिए 6 प्रतिशत और कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत बजट आवंटित किया गया है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि उनका सपना और संकल्प है कि जहां अंधेरा है, वहां रोशनी पहुँचाई जाए

कृषि, ऊर्जा और महिला उद्यमिता पर बड़ा ऐलान

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री ‘सुरक्षा संकल्प योजना’ को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सरकार डीज़ल चालित पंपों को सोलर आधारित प्रणाली में बदलने का काम कर रही है। साथ ही, कृषि वितरण प्रणाली और एग्री एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लागू की जाएंगी।वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-17 में सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है। इसी अवधि में फसल सघनता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत हो गई है।

ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रदेश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। वर्ष 2016-17 में 5,878 मेगावाट तापीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता थी, जिसे बढ़ाकर वित्त वर्ष 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) में 9,120 मेगावाट कर दिया गया है, जो 55.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसके अलावा, प्रदेश में अब तक 2,815 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं।

 

नए मेडिकल कॉलेज और कैंसर संस्थान को फंड

सरकार ने 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, असाध्य रोगों के मुफ्त इलाज के लिए 130 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।

 

चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ का प्रावधान

सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के लिए इस बार 14,997 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 81 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें से 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं।वित्त मंत्री ने बताया कि फिलहाल 60 जनपद मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं से आच्छादित हैं, जबकि 16 जनपदों में पीपीपी मॉडल के तहत नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का प्रस्ताव है।

शिक्षा क्षेत्र में हजारों नियुक्तियां

वित्त मंत्री ने बताया कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अब तक कुल 8,966 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जिसमें 1,939 प्रवक्ता, 6,808 सहायक अध्यापक और 219 प्रधानाचार्य शामिल हैं।उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2017 से अब तक सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया है।

 शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए कितना बजट?

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सरकार ने इस बजट में शिक्षा पर 12.4 प्रतिशत और स्वास्थ्य पर 6 प्रतिशत धनराशि आवंटित की है। इसके साथ ही पूंजीगत व्यय के लिए 19.5 प्रतिशत का बजट रखा गया है।

सड़क और सेतु निर्माण के लिए कुल 34,468 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, जिसमें से सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण हेतु 3,000 करोड़ रुपये शामिल हैं। सिंचाई योजनाओं के लिए 18,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।वित्त मंत्री ने बताया कि स्वामी विवेकानंद युवा-सशक्तिकरण योजना के तहत अब तक 49 लाख 86 हजार टैबलेट/स्मार्टफोन मुफ्त वितरित किए जा चुके हैं। प्रदेश में 90,000 मंगल दलों को खेल सामग्री प्रदान कर उनके खेल-कूद गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया गया है।

40 लाख टैबलेट बांटे जाएंगे

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश में नई योजनाओं के लिए 750 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि अयोध्या में नई योजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपये निर्धारित हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तक 10 लाख रोजगार अवसर प्रदान किए हैं।युवाओं को डिजिटल सशक्तिकरण के तहत 40 लाख टैबलेट वितरित किए जाएंगे, और फ्री टैबलेट एवं स्मार्टफोन के लिए 2,374 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत वर्तमान में संचालित 163 अभ्युदय केंद्रों में 23,000 से अधिक युवाओं को मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है। युवाओं को सरकारी नीति निर्माण और क्रियान्वयन में भागीदारी देने के लिए 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

कृषि उत्पादन में यूपी नंबर वन

वित्त मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश आज कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा जैसी प्रमुख फसलों में उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक योगदान है।

उन्होंने कहा कि यूपी देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र भी बन चुका है, जहाँ कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत प्रदेश में होता है। इसके अलावा, भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स यूनिट्स उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात अब 44,744 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।

 9 लाख करोड़ रुपए का मेगा बजट

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इस बार 9,12,696.3 करोड़ रुपये का मेगा बजट पेश किया जा रहा है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के बजट की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन में देश में नंबर वन है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 62 लाख किसानों को लाभ मिला है। इसके अलावा, सरकार ने गन्ना भुगतान का रिकॉर्ड दर्ज किया है।

प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपए

वित्त मंत्री ने बताया कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में सुधार हुआ है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय वर्तमान में 1,09,844 रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2016-17 की 54,564 रुपये की आय से दोगुने से अधिक है। वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय लगभग 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है।

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अपने घर से दूर काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा, विश्व बैंक की सहायता से यूपी एग्रीज परियोजना के तहत प्रदेश में एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा।

प्रदेश में कौशल विकास के क्षेत्र में भी प्रगति हुई है। अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि 5 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार मिला है। इसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर में 2.2 प्रतिशत की कमी आई है।

10 लाख युवाओं को रोजगार का ऐलान

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 10 लाख युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार लड़कियों की शादी के लिए 1 लाख रुपये सहायता देगी।इस बार उत्तर प्रदेश का बजट 9,12,696 करोड़ रुपये का है, जो पिछले वर्ष के बजट की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है।

स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी में यूपी

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि नवाचार और तकनीकी निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि प्रदेश की विकासशील दृष्टिकोण और नवाचार के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने आगे कहा कि नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने देश के लैंडलॉक्ड राज्यों में पहला स्थान हासिल किया है। वित्त मंत्री ने इसे प्रदेश की निर्यात क्षमता और बुनियादी ढांचे में हुए सुधार का स्पष्ट प्रमाण बताया।

इलेक्ट्रॉनिक्स हब बना यूपी, 44,744 करोड़ तक पहुंचा निर्यात

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में कहा कि देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स यूनिट्स उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात अब 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि यूपी ने इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और निर्यात के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत और पहचान योग्य स्थिति बना ली है।

पढ़ाई के साथ स्किल, बढ़ेगी ट्रेनिंग सेंटरों की क्षमता

बजट में शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश में मौजूदा कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और जरूरत के अनुसार नए केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, कौशल संवर्धन अभियान में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

वित्त मंत्री ने बताया कि पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत विभिन्न जनपदों में स्किल डेवलपमेंट और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षण के साथ सीधे रोजगार के अवसर जोड़े जा सकें। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला-केंद्रित कौशल प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को सुरक्षित और अनुकूल माहौल में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

किसानों को मिलेगा वैश्विक बाजार से जोड़ने का मौका

वित्त मंत्री ने कहा कि अवस्थापना-प्रधान विकास नीति के परिणामस्वरूप नीति आयोग द्वारा जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने लैंड-लॉक्ड राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादन के मामले में प्रदेश देश में अग्रणी है और गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा जैसे प्रमुख फसलों में उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय योगदान सबसे अधिक है।

वित्त मंत्री ने आगे बताया कि सिंचित क्षेत्र वर्ष 2016-17 के 2.16 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2024-25 में लगभग 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है। फसल सघनता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत तक पहुँच गई है।

ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रगति हुई है। ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 5,878 मेगावॉट से बढ़कर दिसंबर 2025 तक 9,120 मेगावॉट हो गई है, जो 55.16 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इसके साथ ही प्रदेश में 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे हरित और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है।

GSDP 30.25 लाख करोड़ के पार

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के हर क्षेत्र में संतुलित और व्यापक विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है, बुनियादी ढांचे का विस्तार हुआ है, औद्योगिक निवेश बढ़ा है और रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इसके अलावा महिलाओं का सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की समृद्धि और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि वर्ष 2024-25 के त्वरित अनुमानों के अनुसार प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत अधिक है। प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये मापी गई है, जो वित्तीय वर्ष 2016-17 के 54,564 रुपये की तुलना में दोगुने से अधिक है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय लगभग 1,20,000 रुपये तक पहुँचने की उम्मीद है।उन्होंने बताया कि सरकार के प्रयासों से लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है और प्रदेश में बेरोजगारी दर घटकर केवल 2.24 प्रतिशत रह गई है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य उद्योगों की मजबूती, बुनियादी ढांचे का विकास, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। साथ ही महिलाओं को सशक्त बनाना, युवाओं के कौशल का विकास करना, किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करना और गरीबी उन्मूलन भी प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बजट का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के समग्र विकास को तेज करना और सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने संबोधन में बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1,20,000 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से करीब 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है, जो रोजगार के बढ़ते अवसरों का संकेत है। निवेश के मोर्चे पर सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिनसे करीब 10 लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।

इसके अतिरिक्त, लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के लिए चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जो प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों की तेज रफ्तार को दर्शाता है।उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत कर रहे हैं। अपने बजट भाषण के दौरान उन्होंने बताया कि देश में बनने वाले कुल मोबाइल फोन उत्पादन का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा अब उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक करीब 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है, जो औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल के दौरान प्रदेश ने हर क्षेत्र में संतुलित और व्यापक विकास का अनुभव किया है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे के विस्तार, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर सृजित करने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की आय बढ़ाने और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।वित्त मंत्री ने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए उत्तर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 30.25 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, जो राज्य की मजबूत आर्थिक प्रगति का संकेत है।

उत्तर प्रदेश सरकार का बजट पेश किया जा रहा है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना अपने बजट भाषण में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए किए गए बजटीय प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि बजट पूरे वित्तीय वर्ष का विस्तृत हिसाब-किताब होता है। आगामी वर्ष में सरकार जिन नई योजनाओं को लागू करने वाली है, उनका पूरा ब्यौरा आज सदन में रखा जाएगा। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे बजट का गहन अध्ययन करें और जनता के हित से जुड़ी योजनाओं पर सार्थक चर्चा करें।

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