वाशिम में उत्साह के साथ मनाया गया 79वां स्वतंत्रता दिवस
वाशिम : 15 अगस्त: किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा, विद्यार्थी और आम नागरिकों की प्रगति के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनहितकारी योजनाओं का व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे देश और राज्य समग्र एवं सर्वसमावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, ऐसा प्रतिपादन राज्य के कृषि मंत्री तथा वाशिम जिले के पालकमंत्री दत्तात्रय भरणे ने किया।
भारतीय स्वतंत्रता के 79वें वर्षगांठ के अवसर पर पालकमंत्री दत्तात्रय भरणे ने जिले के नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्य शासकीय समारोह में उनके हाथों राष्ट्रध्वज फहराया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर, जिला पुलिस अधीक्षक निकेश खाटमोडे पाटील, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्पित चौहान, अपर जिलाधिकारी ब्रिजेश पाटील, निवासी उपजिलाधिकारी विश्वनाथ घुगे, उपविभागीय अधिकारी वैशाली देवकर सहित अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित थे।
स्वतंत्रता संग्राम में असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिए गए त्याग को याद करते हुए पालकमंत्री भरणे ने शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने त्याग, शौर्य, देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
54 हजार 102 पात्र किसानों का कर्जमाफी योजना में समावेश
पालकमंत्री भरणे ने बताया कि जिले के 54 हजार 102 पात्र किसानों को पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर कर्जमुक्ति योजना में शामिल किया गया है। आधार प्रमाणीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगा, ऐसी गारंटी उन्होंने दी।
सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि, कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा खेती की लागत कम करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहायता दी जा रही है। कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से लगभग ढाई हजार किसानों को करीब 18 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है। ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ योजना के तहत 2 हजार 6 किसानों को 6 करोड़ रुपये की सूक्ष्म सिंचाई सब्सिडी दी गई है।
नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना के तहत जिले के 189 गांवों में कार्य शुरू है तथा 94 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। ‘महाविस्तार’ और ‘महाकृषि’ के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीक एवं कृषि संबंधी मार्गदर्शन किसानों तक पहुंचाया जा रहा है।
कच्चे माल पर प्रक्रिया एवं मूल्यवर्धन पर जोर
पालकमंत्री भरणे ने कहा कि विदर्भ के विकास की दृष्टि से वाशिम जिले में बड़ी क्षमता है। कृषि, व्यापार, उद्योग और परिवहन इन चारों क्षेत्रों के विकास के लिए जिले के पास बड़ी संभावनाएं हैं। सोयाबीन, कपास, तुअर, चना जैसी फसलें तथा कृषि आधारित व्यवसाय जिले की प्रमुख ताकत हैं।
केवल कच्चे माल का उत्पादन करने के बजाय उस पर प्रक्रिया कर मूल्यवर्धन करना और तैयार उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है, ऐसा उन्होंने कहा।
स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी को प्राथमिकता
वाशिम जिले का विकास केवल कृषि तक सीमित न रखते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी, सामाजिक न्याय और रोजगार सहित सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लगभग 80 करोड़ रुपये का निधि उपलब्ध कराया गया है। शिक्षा क्षेत्र में 15 करोड़ 61 लाख रुपये के निधि से स्कूल भवन, प्रयोगशालाएं, डिजिटल सुविधाएं और अन्य बुनियादी सुविधाओं के कार्य शुरू हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था के विकास के लिए साढ़े 12 करोड़ रुपये, जबकि ग्रामीण सड़कों एवं जिला मार्गों के मजबूतीकरण के लिए 46 करोड़ 91 लाख रुपये का निधि दिया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से भी सड़क निर्माण एवं सुधार कार्य जारी हैं।
पानी जिले के विकास का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। जलयुक्त शिवार अभियान एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से रिचार्ज शाफ्ट, जलसंधारण और भूजल स्तर बढ़ाने के कार्य किए जा रहे हैं। इससे भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सामाजिक न्याय के माध्यम से सर्वसमावेशी विकास
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, स्वाधार योजना का लाभ तथा भूमिहीन लाभार्थियों को जमीन उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है। महिलाओं, विद्यार्थियों, युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा में लाना सरकार का प्रयास है, ऐसा पालकमंत्री ने कहा।
उन्होंने जिले के नागरिकों से किसान, मजदूर, महिला, युवा, विद्यार्थी और आम नागरिकों की प्रगति से जुड़े विकास कार्यों में एकजुट होकर योगदान देने तथा वाशिम को अधिक सक्षम, समृद्ध एवं विकसित बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को मजबूत करने की शपथ लेने का भी आह्वान किया।
शहीद सैनिकों की वीर पत्नियों एवं आपातकालीन योद्धाओं का सम्मान
स्वतंत्रता संग्राम एवं देशसेवा की प्रेरणा को जीवित रखने वाली शहीद सैनिकों की वीर पत्नियां शांताबाई यशवंत सरकटे, पार्वताबाई दगडू लहाने, मीराबाई योगराज नागुलकर और साधनाताई जनार्दन खेडकर तथा आपातकालीन योद्धा शंकर कोकास, सुरेश माहुले, दिलीप टिकले, मदन येवले और डॉ. वसंतराव गायकवाड का पालकमंत्री दत्तात्रय भरणे के हाथों सम्मान किया गया।
महास्ट्राईड परियोजना में वाशिम जिले का राज्य में चौथा स्थान
विश्व बैंक सहायता प्राप्त नियोजन विभाग की महास्ट्राईड परियोजना के तहत जिला विकास आराखड़े के सफल क्रियान्वयन में वाशिम जिले ने राज्य में चौथा स्थान प्राप्त किया है।
जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर की पहल एवं निरंतर मार्गदर्शन के कारण जिले को 16 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन निधि प्राप्त हुआ है। अमरावती संभाग से इस निधि के लिए चयनित होने वाला वाशिम एकमात्र जिला है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए जिला नियोजन अधिकारी वर्षा भाकरे एवं महास्ट्राईड के अनंता मुद्गले का भी गौरव किया गया।
पुलिस अधिकारियों एवं विद्यार्थियों का सम्मान
पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अतिउत्कृष्ट सेवा पदक तथा उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
जिलास्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले माउंट कार्मेल इंग्लिश स्कूल, वाशिम; यशवंतराव चव्हाण सैनिक स्कूल, सुपखेला; कानडे इंटरनेशनल स्कूल, वाशिम; विदर्भ पब्लिक स्कूल, मालेगांव तथा यशवंतराव चव्हाण विद्यालय, काजळंबा को पुरस्कार प्रदान किए गए।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद, पुणे द्वारा आयोजित छात्रवृत्ति परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया। पूर्व उच्च प्राथमिक छात्रवृत्ति परीक्षा में आर. जे. चवरे विद्यालय, कारंजा की छात्रा कु. आरुषी रुपेश ढोरे ने राज्य गुणवत्ता सूची में 13वां स्थान प्राप्त किया। उच्च प्राथमिक छात्रवृत्ति परीक्षा कक्षा सातवीं में मोहम्मद महिन अलीमोद्दीन शेख ने राज्य गुणवत्ता सूची में 16वां स्थान प्राप्त किया। वहीं विश्वा इंटरनेशनल स्कूल, रिसोड के विद्यार्थी ने प्राथमिक छात्रवृत्ति परीक्षा में राज्य गुणवत्ता सूची में 14वां स्थान प्राप्त किया। इन सभी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया।
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बेटियों के जन्म का स्वागत एवं बालिकाओं के सम्मान को प्रोत्साहित करने के लिए कोमल अजय यादव, युवांशी शिवाजी ढगे और अश्विनी प्रवीण लगड का भी सम्मान किया गया।
जलसंधारण अभियान की शुरुआत
जिले में जलसंधारण सप्ताह एवं जलसंधारण अभियान की शुरुआत स्वतंत्रता दिवस से की गई। इस अभियान में अधिक से अधिक नागरिकों ने सहभागी होने का आह्वान पालकमंत्री ने किया।
15 से 21 अगस्त के दौरान आयोजित ‘रील फॉर सॉईल एंड वॉटर कंजर्वेशन’ अर्थात मृदा एवं जलसंधारण विषयक रील प्रतियोगिता में 15 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं ने बड़ी संख्या में सहभागी होने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर ‘महा वॉकेथॉन 2026 – वॉक फॉर वॉटर’ के लोगो का अनावरण करण्यात आले. उपस्थितों ने मृदा एवं जलसंधारण की शपथ लेते हुए जलसंवर्धन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शाहू भगत एवं नायब तहसीलदार अर्चना घोळवे ने किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, पत्रकार, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रिपोर्टर : नागेश अवचार
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